एक शर्त और खत्म हो गई घर वापसी! जानिए क्यों गुजरात टाइटंस ने ठुकरा दिया हार्दिक पांड्या का प्रस्ताव
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खिलाड़ियों की अदला-बदली और टीम मैनेजमेंट के फैसले हमेशा से चर्चा का विषय रहे हैं. आगामी 2027 सीजन से पहले सबसे ज्यादा हलचल स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को लेकर मची हुई है.
साल 2024 में मुंबई इंडियंस ने एक बड़ा दांव खेलते हुए रोहित शर्मा को हटाकर कमान हार्दिक को सौंपी थी. यह फैसला क्रिकेट फैंस को बिल्कुल रास नहीं आया था. खासकर तब जब रोहित के नेतृत्व में टीम इंडिया ने 2023 वर्ल्ड कप के फाइनल तक का सफर तय किया था. मुंबई का प्रदर्शन भी हार्दिक की कप्तानी में बेहद निराशाजनक रहा और टीम प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई. इसी वजह से अब माना जा रहा है कि फ्रेंचाइजी अपने इस कप्तान को रिलीज करने का मन बना चुकी है.
गुजरात टाइटंस के साथ क्यों टूटी बात?
बाजार में इस धाकड़ खिलाड़ी को अपनी टीम में शामिल करने की होड़ मची है. चेन्नई सुपर किंग्स को इस रेस में सबसे आगे बताया जा रहा है. इसके अलावा दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी बड़ी टीमें भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. लेकिन असली कहानी कुछ और ही है. 'इंडियन एक्सप्रेस' की हालिया रिपोर्ट के अनुसार हार्दिक ने अपनी पुरानी टीम गुजरात टाइटंस में वापसी की कोशिश की थी. मौजूदा कप्तान शुभमन गिल को भी उनकी वापसी पर कोई आपत्ति नहीं थी. लेकिन यह डील उस वक्त खटाई में पड़ गई जब हार्दिक ने वापसी के लिए टीम की कप्तानी सौंपने की शर्त रख दी. गुजरात मैनेजमेंट ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया जिससे उनकी घर वापसी का सपना अधूरा रह गया.
आधिकारिक बयानों में साधी गई चुप्पी
इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल संबंधित पक्षों ने चुप्पी साध रखी है. जब मीडिया ने गुजरात टाइटंस के अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया. वहीं हार्दिक के मैनेजर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि किसी भी दूसरी फ्रेंचाइजी के साथ सीधे तौर पर कोई बातचीत नहीं हुई है. उन्होंने साफ किया कि अगर कोई भी संपर्क किया गया है तो वह पूरी तरह से मुंबई इंडियंस के आधिकारिक चैनलों के जरिए ही हुआ है.