'इसके पीछे क्या लॉजिक है...' गौतम गंभीर की अनोखी प्लेइंग-XI पर भड़के फैंस, कोच ने खुद अपने पैर पर मार ली कुल्हाड़ी!
भारतीय क्रिकेट टीम के नवनियुक्त हेड कोच गौतम गंभीर हमेशा अपनी बेबाक रणनीति और कड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ खेली जा रही वनडे सीरीज के पहले ही मुकाबले में उनका एक फैसला क्रिकेट फैंस और दिग्गजों के गले नहीं उतर रहा है। टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन (Playing XI) के सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट के गलियारों तक गंभीर की रणनीति पर तीखे सवाल उठने लगे हैं। फैंस का मानना है कि शानदार फॉर्म में चल रहे इन-फॉर्म खिलाड़ियों को बेंच पर बैठाकर कोच गंभीर ने खुद अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने का काम किया है।
इन-फॉर्म बल्लेबाजों को बाहर रखने के फैसले पर उठे गंभीर सवाल
मैच के टॉस के वक्त जब भारतीय टीम की अंतिम एकादश की घोषणा हुई, तो हर कोई हैरान रह गया। हालिया टी20 सीरीज और घरेलू क्रिकेट में लगातार रनों का अंबार लगाने वाले युवा खिलाड़ियों को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी गई। क्रिकेट पंडितों ने सोशल मीडिया पर 'क्या लॉजिक है' हैशटैग के साथ गंभीर को घेरना शुरू कर दिया। उनका तर्क है कि जब कोई खिलाड़ी अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हो, तो उसे प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप करना न सिर्फ उस खिलाड़ी के मनोबल को तोड़ता है, बल्कि टीम के संतुलन को भी बिगाड़ देता है।
ऑलराउंडर्स के चयन और बैटिंग ऑर्डर में उलझी गंभीर की थ्योरी
गौतम गंभीर पर यह भी आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने टीम में जरूरत से ज्यादा ऑलराउंडर्स को भरकर बैटिंग लाइन-अप को कन्फ्यूज कर दिया है। नंबर 4 से लेकर नंबर 7 तक के स्लॉट के लिए जो कॉम्बिनेशन मैदान पर उतारा गया, वह कोलंबो की स्पिन-फ्रेंडली पिच के लिहाज से पूरी तरह से फेल साबित होता दिख रहा है। पूर्व क्रिकेटरों का कहना है कि गंभीर अपनी आईपीएल वाली 'मेंटरशिप थ्योरी' को भारतीय टीम पर थोपने की कोशिश कर रहे हैं, जहां वह हर मैच में एक नया सरप्राइज एलिमेंट लाना चाहते हैं, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में यह दांव उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है।
पहले ही मैच में हार के बाद कोच गंभीर आए आलोचकों के निशाने पर
इस अजीबोगरीब टीम कॉम्बिनेशन का नतीजा यह हुआ कि भारतीय टीम को पहले ही मुकाबले में मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। मिडिल ऑर्डर के पूरी तरह कोलैप्स होने के बाद अब गौतम गंभीर की रणनीतियों की तीखी आलोचना हो रही है। फैंस का कहना है कि गंभीर ने टीम की मजबूती को देखने के बजाय कुछ खास खिलाड़ियों को मौका देने की जिद में एक जीती-जिताई बाजी को मुश्किल में डाल दिया। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस भारी आलोचना के बाद कोच गंभीर दूसरे वनडे में अपनी इस 'कुल्हाड़ी मारने वाली' गलती को सुधारते हैं या फिर अपने इसी आक्रामक और जिद्दी अंदाज पर कायम रहते हैं।