जब-जब नाबाद लौटे राहुल, कभी नहीं हारी टीम इंडिया! 100% जीत का वो रिकॉर्ड जिसने धोनी को भी चौंकाया!
न्यूजीलैंड के विरुद्ध दूसरे रोमांचक वनडे मुकाबले में विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल ने एक बार फिर संकटमोचक की भूमिका निभाते हुए टीम इंडिया को यादगार जीत दिला दी। बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में भारत ने डकवर्थ लुईस नियम (DLS) के आधार पर कीवियों को 4 रनों से शिकस्त दी। इस जीत की बदौलत भारतीय टीम ने 5 मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली है। जब बारिश के कारण खेल रोका गया, तब राहुल क्रीज पर डटे हुए 38 गेंदों में 2 चौके और 2 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 26 रन बनाकर नाबाद थे। उनके इस संयम ने भारत को डकवर्थ लुईस पार स्कोर से आगे रखा और एक बार फिर नाबाद लौटकर उन्होंने भारतीय क्रिकेट के सबसे दुर्लभ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा लिया।
इस नाबाद पारी के साथ ही केएल राहुल का नाम सचिन तेंदुलकर, सुरेश रैना और युवराज सिंह जैसे दिग्गजों के उस खास एलीट क्लब में शामिल हो गया है, जिनके रन चेज के दौरान नॉट आउट रहते भारत आज तक एक भी वनडे मुकाबला नहीं हारा। राहुल अपने करियर में 16वीं बार लक्ष्य का पीछा करते हुए नाबाद पवेलियन लौटे और इन सभी 16 मौकों पर भारत ने शत-प्रतिशत जीत दर्ज की। 15 से अधिक बार ऐसा अद्वितीय कारनामा करने वाले राहुल अब देश के चौथे बल्लेबाज बन गए हैं। इस विशिष्ट सूची में पूर्व बाएं हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना 28 बार नाबाद रहकर पहले स्थान पर काबिज हैं, जबकि युवराज सिंह 27 मुकाबलों में नाबाद रहकर दूसरे और क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर 26 मैचों में नॉट आउट रहते हुए तीसरे पायदान पर मौजूद हैं।
यदि लक्ष्य का पीछा करते हुए ओवरऑल सबसे ज्यादा बार नाबाद रहने वाले भारतीय फिनिशर्स की बात करें, तो पूर्व कप्तान एमएस धोनी का रिकॉर्ड सबसे शीर्ष पर है। धोनी अपने वनडे करियर में रन चेज के दौरान रिकॉर्ड 50 बार नाबाद लौटे, जिसमें भारत को केवल 2 मैचों में हार का मुंह देखना पड़ा। वहीं विराट कोहली और रोहित शर्मा के रन चेज में नॉट आउट रहने के दौरान भारत को सिर्फ 1-1 मैच में ही हार झेलनी पड़ी।
आंकड़ों के नजरिए से देखें तो सफल और असफल रन चेज मिलाकर सर्वाधिक बार नाबाद रहने वाले दिग्गजों में एमएस धोनी 50 बार (2 हार), मोहम्मद अजहरुद्दीन 37 बार (4 हार), विराट कोहली 37 बार (1 हार) और रोहित शर्मा 29 बार (1 हार) के आंकड़े के साथ आगे रहे हैं। उनके बाद सुरेश रैना 28 बार (0 हार), युवराज सिंह 27 बार (0 हार), सचिन तेंदुलकर 26 बार (0 हार), रवींद्र जडेजा 23 बार (4 हार), कपिल देव 22 बार (5 हार), राहुल द्रविड़ 19 बार (2 हार), दिनेश कार्तिक 19 बार (1 हार), अजय जडेजा 18 बार (1 हार), दिनेश मोंगिया 17 बार (8 हार) और अब केएल राहुल 16 बार (0 हार) के साथ इस ऐतिहासिक फेहरिस्त में मजबूती से शामिल हो चुके हैं।