225 रन क्यों बन गए? जीत के बाद भी अपनी ही गेंदबाजी पर भड़के कप्तान अय्यर, खोल दी ये बड़ी गलती
भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड दौरे पर चल रही मल्टी-फॉर्मेट सीरीज का धमाकेदार आगाज करते हुए पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में मेजबान ब्लैक कैप्स को 4 विकेट से हरा दिया। 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के प्रतिष्ठित हेगले ओवल मैदान पर खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में दोनों टीमों के बीच चौके-छक्कों की जबरदस्त जंग देखने को मिली। टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी का न्योता पाने वाली न्यूजीलैंड की टीम ने भारतीय गेंदबाजों पर जोरदार धावा बोलते हुए पहली पारी में 225 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य के सामने एक समय मुकाबला पूरी तरह से भारत की पकड़ से फिसलता नजर आ रहा था, लेकिन 'मेन इन ब्लू' के बल्लेबाजों ने मैदान पर अविश्वसनीय जज्बा और आक्रामकता दिखाते हुए नामुमकिन से दिखने वाले इस रन चेज को 4 विकेट शेष रहते अंजाम दे दिया।
इस सनसनीखेज फतह के बाद पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम के जुझारू प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। लंबी यात्रा और थकावट का जिक्र करते हुए अय्यर ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि इस तरह की शानदार जीत के बाद अब शायद खिलाड़ियों को जेट लैग के बारे में पूरी तरह भूल जाना चाहिए। पिच के मिजाज और गेंदबाजी के विश्लेषण पर कप्तान ने ईमानदारी से स्वीकार किया कि जब भारत ने गेंदबाजी की शुरुआत की थी, तब गेंद रुककर आ रही थी और पिच थोड़ी धीमी खेल रही थी। उन्होंने बताया कि गेंदबाजों ने उस हार्ड लेंथ पर हिट करने की बजाय गेंद को थोड़ा ज्यादा आगे पिच कराया, जहां पर सही टप्पा पड़ना चाहिए था, जिसका फायदा उठाकर कीवी बल्लेबाजों ने बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया।
मैच के बाद कप्तान अय्यर ने टॉप ऑर्डर में धमाकेदार शुरुआत दिलाने वाले अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की सलामी जोड़ी की भूमिका पर भी विस्तार से बात की। यह पूछे जाने पर कि क्या वह इन दोनों को क्रीज पर जाने से पहले कोई खास निर्देश देते हैं, अय्यर ने साफ किया कि दोनों ही अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहद अनुभवी हो चुके हैं और उन्हें यह सिखाने की कतई जरूरत नहीं है कि अपना काम कैसे करना है। उन्होंने कहा कि संजू और अभिषेक को भली-भांति पता है कि उनसे टीम को क्या अपेक्षा है। एक बार जब वे मैदान पर लय पकड़ लेते हैं, तो पूरे मैच का मोमेंटम हमारी तरफ मोड़ देते हैं और आज का मुकाबला इसका सबसे सटीक उदाहरण था। अय्यर ने कहा कि भले ही हर दिन ऐसा करिश्मा नहीं होता, लेकिन जब भी यह जोड़ी चलती है, वे टीम के लिए पूरे मुकाबले की नींव तैयार कर देते हैं। उसके बाद बाकी मध्यक्रम के बल्लेबाजों का काम सिर्फ पारी को स्थिरता देकर जीत की दहलीज तक पहुंचाना रह जाता है।