क्या जोआओ फोन्सेका से मिली करारी हार के बाद अब कभी फ्रेंच ओपन नहीं खेलेंगे नोवाक जोकोविच, खुद दिया ये चौंकाने वाला बयान

क्या जोआओ फोन्सेका से मिली करारी हार के बाद अब कभी फ्रेंच ओपन नहीं खेलेंगे नोवाक जोकोविच, खुद दिया ये चौंकाने वाला बयान

टेनिस की दुनिया में शुक्रवार, 29 मई का दिन एक ऐसे भूचाल का गवाह बना जिसने खेल जगत को सुन्न कर दिया। फ्रेंच ओपन 2026 के तीसरे दौर में एक ऐसा महा-उलटफेर देखने को मिला जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन और दुनिया के सबसे महान टेनिस खिलाड़ियों में शुमार सर्बिया के नोवाक जोकोविच को ब्राजील के 19 वर्षीय युवा खिलाड़ी जोआओ फोन्सेका ने टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस करारी और चौंकाने वाली हार के बाद अब खेल प्रेमियों के जेहन में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या 39 साल के जोकोविच कभी दोबारा पेरिस के रोलैंड गैरोस मैदान पर खेलते हुए दिखाई देंगे? इस सवाल पर खुद टेनिस स्टार ने एक ऐसा जवाब दिया है जिसने उनके फैंस को चिंता में डाल दिया है।

पेरिस के क्ले कोर्ट पर इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर, मैराथन मैच में ढहे जोकोविच

इस रोमांचक और थका देने वाले मैराथन मुकाबले में नोवाक जोकोविच ने शानदार शुरुआत की थी। उन्होंने शुरुआती दोनों सेट 4-6, 4-6 से जीतकर मैच पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि जोकोविच आसानी से अगले दौर में प्रवेश कर जाएंगे। लेकिन इसके बाद कोर्ट पर जो हुआ, उसने इतिहास बदल दिया। ब्राजील के युवा सनसनी जोआओ फोन्सेका ने हार मानने के बजाय अभूतपूर्व आक्रामकता दिखाई। उन्होंने लगातार वापसी करते हुए अगले तीन सेट 6-3, 7-5, 7-5 से अपने नाम कर लिए। साल 2009 के बाद यह पहला मौका है जब जोकोविच फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल से पहले, यानी इतने शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए हैं। इस हार के साथ ही उनके 25वें ऐतिहासिक ग्रैंड स्लैम खिताब का इंतजार और लंबा हो गया है।

रोलैंड गैरोस में अपने भविष्य पर बोले जोकोविच - "मुझे नहीं पता"

इस दर्दनाक हार के बाद जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक जोकोविच से उनके भविष्य को लेकर तीखे सवाल किए गए, तो उनके चेहरे पर निराशा साफ देखी जा सकती थी। जब एक रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि क्या वे अगले साल फिर से रोलैंड गैरोस के कोर्ट पर वापसी करेंगे, तो जोकोविच ने बेहद संक्षिप्त और अनिश्चित शब्दों में जवाब देते हुए कहा, "मुझे नहीं पता।" उनके इस तीन शब्दों के जवाब ने टेनिस गलियारों में संन्यास और उनके अंतिम फ्रेंच ओपन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।

यह हार जोकोविच के लिए इसलिए भी ज्यादा चुभने वाली है क्योंकि खिताब के अन्य दो सबसे बड़े दावेदार पहले ही बाहर हो चुके थे। जानिक सिनर को दूसरे दौर में 56वीं रैंक वाले जुआन मैनुअल सेरुंडोलो ने हरा दिया था, जबकि स्पेन के कार्लोस अल्काराज़ कलाई की चोट के कारण टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही हट गए थे। जब जोकोविच से इन दिग्गजों की गैरमौजूदगी और गंवाए हुए मौके पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने तल्ख लहजे में कहा, "मुझे परवाह नहीं है। मैं यहीं रुक जाता हूं। नहीं, मैं अभी-अभी तीसरा राउंड हारा हूं। चलिए किसी और बात पर चर्चा करते हैं।"

हार के बावजूद जोकोविच ने दिखाई खेल भावना, जोआओ फोन्सेका को बताया असली हकदार

भले ही जोकोविच इस हार से अंदर तक टूट चुके थे, लेकिन उन्होंने अपनी खेल भावना को जिंदा रखा और मैच के बाद जाल के पास जाकर ब्राजीलियाई युवा खिलाड़ी को गले लगाया। पिछले पांच मेजर टूर्नामेंटों में कम से कम सेमीफाइनल तक का सफर तय करने वाले जोकोविच ने फोन्सेका की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "मैंने उन्हें बधाई दी और कहा कि वे इस जीत के पूरी तरह हकदार थे। उन्होंने एक अद्भुत मैच खेला और उन्हें खुद पर गर्व होना चाहिए।"

जोकोविच ने आगे फोन्सेका के खेल का विश्लेषण करते हुए कहा, "उन्होंने जिस स्तर का टेनिस आज खेला, उससे साफ है कि टेनिस जगत में उनके बारे में इतनी चर्चा क्यों हो रही है। उनका खेल वाकई लाजवाब था। मुझे नहीं लगता कि मैंने अपने खेल में कोई बहुत बड़ी गलती की, बस आज के दिन वो मुझसे कहीं बेहतर खिलाड़ी साबित हुए। मुझे लगता है कि मैं अच्छा टेनिस खेल रहा था, वाकई एक बहुत ऊंचे स्तर का।"

पेरिस को मिलेगा नया किंग, फ्रेंच ओपन में नए ग्रैंड स्लैम चैंपियन की गारंटी

नोवाक जोकोविच के इस तरह बाहर होने के बाद अब यह पूरी तरह तय हो चुका है कि फ्रेंच ओपन 2026 के मेंस सिंगल्स को एक बिल्कुल नया ग्रैंड स्लैम चैंपियन मिलने जा रहा है। टूर्नामेंट की शुरुआत में अल्काराज़ के हटने के बाद जोकोविच (24 खिताब), सिनर (4 खिताब), स्टैन वावरिंका (3 खिताब) और मारिन सिलिच (1 खिताब) ही ऐसे खिलाड़ी बचे थे जिनके पास ग्रैंड स्लैम जीतने का अनुभव था। अब ये सभी खिलाड़ी इस रेस से बाहर हो चुके हैं। इस समय पूरे ड्रा में केवल तीन खिलाड़ी ऐसे बचे हैं जो पहले कभी किसी मेजर टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंचे हैं; इनमें जर्मनी के अलेक्जेंडर ज़्वेरेव (3 फाइनल), नॉर्वे के कैस्पर रूड (3 फाइनल) और इटली के मैटियो बेरेटिनी (1 फाइनल) शामिल हैं। अब देखना यह होगा कि पेरिस के इस लाल बजरी पर कौन सा नया खिलाड़ी इतिहास लिखता है।

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