सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद झुका कुश्ती महासंघ, विनेश फोगाट को मिली मनपसंद वेट कैटेगरी में उतरने की इजाजत
भारतीय कुश्ती के गलियारों से शनिवार, 30 मई की सुबह एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। स्टार ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के बीच एशियाई खेलों के ट्रायल्स को लेकर चल रहा विवाद अब अपने अंजाम पर पहुंच गया है। दिल्ली हाई कोर्ट के बाद देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बावजूद शनिवार सुबह मैदान पर उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब महासंघ ने विनेश को उनके मनपसंद 53 किलोग्राम भार वर्ग में उतरने से रोक दिया। हालांकि, विनेश फोगाट के कड़े विरोध और महासंघ पर भेदभाव के गंभीर आरोप लगाने के बाद डब्ल्यूएफआई को अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं। अब महासंघ ने विनेश को 53 किलोग्राम भार वर्ग के ट्रायल्स में भाग लेने की पूरी अनुमति दे दी है।
सुबह-सुबह शुरू हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा, WFI ने विनेश पर लगाया था यह नियम
शनिवार सुबह जब विनेश फोगाट नई दिल्ली में आयोजित हो रहे एशियाई खेलों के ट्रायल्स के लिए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, तो उन्हें डब्ल्यूएफआई के अधिकारियों द्वारा सूचित किया गया कि वह केवल 50 किलोग्राम भार वर्ग में ही प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं। महासंघ ने इसके पीछे यह तर्क दिया था कि विनेश ने अपनी पिछली चार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इसी 50 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। महासंघ का कहना था कि विनेश ने अपनी वेट कैटेगरी में बदलाव करने को लेकर संस्था को पहले से कोई लिखित सूचना नहीं दी थी, इसलिए उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग के ट्रायल में शामिल नहीं किया जा सकता।
भेदभाव के आरोपों से मचा हड़कंप, अध्यक्ष संजय सिंह को करना पड़ा बीच-बचाव
महासंघ के इस अचानक लिए गए फैसले पर विनेश फोगाट भड़क गईं। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टार पहलवान ने इस फैसले का पुरजोर विरोध करते हुए अधिकारियों पर जानबूझकर भेदभाव करने का सीधा आरोप मढ़ दिया। विनेश का कहना था कि उन्हें उनकी पसंद के वर्ग में मुकाबला करने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। ट्रायल वेन्यू पर मामला बेहद गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच बहस काफी बढ़ गई। माहौल को बिगड़ता देख डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष संजय सिंह ने तुरंत मामले में दखल दिया। संजय सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए अधिकारियों को विनेश का वजन लेने और उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग में खेलने की अनुमति देने के निर्देश दिए। संजय सिंह ने मीडिया से कहा, "विनेश ने अधिकारियों पर आरोप लगाए और अपना वजन लेने की मांग की, जिसके बाद हमने खेल भावना को सर्वोपरि रखते हुए उन्हें अनुमति दे दी। हम किसी भी खिलाड़ी के साथ कोई भेदभाव नहीं करना चाहते। उन्होंने पहले यह स्पष्ट नहीं किया था कि वह किस वर्ग में खेलेंगी, फिर भी हमने उनके हित में यह फैसला लिया है।"
53.9 किलोग्राम निकला विनेश का वजन, अब अंतिम पंघाल से होगा महामुकाबला
वजन मापने की प्रक्रिया के दौरान विनेश फोगाट का वजन 53.9 किलोग्राम दर्ज किया गया, जिसके बाद उन्हें आधिकारिक तौर पर 53 किलोग्राम भार वर्ग के ड्रा में शामिल कर लिया गया है। इस पूरे ड्रामे और अपनी तैयारियों के बीच विनेश फोगाट ने मीडिया से बेहद संक्षिप्त लेकिन बेहद आक्रामक बातचीत की। विनेश ने अपने विरोधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा, "मैं कम से कम अगले दो साल के लिए यहीं मैट पर रहने वाली हूं।" अब 53 किलोग्राम भार वर्ग में शामिल होने के बाद विनेश फोगाट का सामना भारत की उभरती हुई स्टार पहलवान अंतिम पंघाल और मीनाक्षी गोयत जैसी धुरंधरों से होगा, जिससे यह ट्रायल मुकाबला और भी ज्यादा रोमांचक हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पलटा था महासंघ का दांव, विनेश के लिए साफ किया था रास्ता
आपको बता दें कि विनेश फोगाट का शनिवार को इस ट्रायल में उतरना देश की सर्वोच्च अदालत के ऐतिहासिक फैसले के बाद ही संभव हो पाया है। दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट ने विनेश फोगाट को 30 और 31 मई को होने वाले एशियाई खेलों के ट्रायल्स में भाग लेने की मंजूरी दी थी। इस आदेश के खिलाफ भारतीय कुश्ती महासंघ ने तुरंत सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कुश्ती महासंघ की याचिका को खारिज करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के इसी रुख के बाद विनेश फोगाट के ट्रायल्स में भाग लेने का कानूनी रास्ता पूरी तरह साफ हुआ था, जिसे अब महासंघ ने जमीनी तौर पर भी स्वीकार कर लिया है।