WTC 2027: फाइनल की रेस में भारत के पास सिर्फ 3% चांस! जानिए शुभमन गिल की सेना कैसे कर सकती है चमत्कार
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2027) की अंक तालिका में शनिवार, 31 अक्टूबर को खेले गए दो मुकाबलों के बाद खलबली मच गई है। केपटाउन में मौजूदा चैंपियन साउथ अफ्रीका के हाथों ऑस्ट्रेलिया को मिली तीसरे टेस्ट में करारी शिकस्त और ढाका में बांग्लादेश की वेस्टइंडीज के विरुद्ध घरेलू हार ने फाइनल की रेस को बेहद रोमांचक बना दिया है।
पैट कमिंस की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम इस हार के बाद न केवल डब्ल्यूटीसी स्टैंडिंग्स में टॉप पोजीशन से फिसल गई, बल्कि उसने आईसीसी टेस्ट रैंकिंग का ताज भी गंवा दिया। दूसरी ओर, बांग्लादेश की हार से शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम को सीधा फायदा हुआ और टीम इंडिया पांचवें से चौथे पायदान पर पहुंच गई। मौजूदा समय में भारत से ऊपर टेबल में न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया काबिज हैं।
केपटाउन और ढाका टेस्ट के नतीजों के बाद फाइनल में जगह बनाने की संभावनाओं से जुड़े आंकड़े काफी बदल चुके हैं। ताजा विश्लेषण के मुताबिक, साउथ अफ्रीका के निरंतर दूसरी बार खिताबी मुकाबले में पहुंचने की संभावना बढ़कर 91 प्रतिशत हो गई है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के मौके घटकर 66 प्रतिशत पर आ गए हैं। गौरतलब है कि पिछला WTC फाइनल भी इन्हीं दोनों दिग्गजों के बीच खेला गया था, जिसमें साउथ अफ्रीका ने बाजी मारी थी। तीसरे नंबर पर मौजूद न्यूजीलैंड के फाइनल खेलने की संभावना 39 प्रतिशत आंकी जा रही है, जबकि भारतीय टीम के पहुंचने के आसार इस समय महज 3 प्रतिशत ही रह गए हैं। वहीं वेस्टइंडीज और पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर खिताबी दौड़ से बाहर हो चुके हैं, जबकि इंग्लैंड, श्रीलंका और बांग्लादेश के चांस 1 प्रतिशत से भी कम हैं।
भारतीय टीम का संघर्ष जारी
श्रीलंका के विरुद्ध कोलंबो टेस्ट ड्रॉ रहने के बाद भारतीय टीम इस समय 51.52 प्रतिशत अंकों (PCT) के साथ चौथे पायदान पर संघर्ष कर रही है। भारत को अपने WTC चक्र में कुल 7 टेस्ट मैच और खेलने हैं, जिनमें 2 टेस्ट न्यूजीलैंड की धरती पर और 5 टेस्ट मैचों की बड़ी सीरीज अपने घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध खेलनी है। अगर गिल की टीम बाकी बचे सभी 7 मुकाबले जीत लेती है, तो उसका पीसीटी 70.37% पर पहुंच जाएगा, जो फाइनल का टिकट पक्का कर सकता है। अगर भारत 6 मैच जीतता है, तो उसका आंकड़ा 65% तक रहेगा। पांच जीत और एक ड्रॉ की सूरत में भारत को दूसरी टीमों के नतीजों पर निर्भर रहना पड़ेगा। यदि भारतीय टीम न्यूजीलैंड में 0-2 से सीरीज गंवा बैठती है और फिर घर में ऑस्ट्रेलिया को 5-0 से क्लीन स्वीप भी करती है, तो भी उसका अधिकतम पीसीटी 59.26% ही रह जाएगा, जो टॉप-2 में फिनिश करने के लिए नाकाफी साबित हो सकता है।
फाइनल की दौड़ में बाकी दावेदारों की राह पर नजर डालें तो मौजूदा चैंपियन साउथ अफ्रीका सबसे मजबूत स्थिति में है। उसे फाइनल में अपनी सीट पक्की करने के लिए बचे हुए 7 मुकाबलों में से सिर्फ 4 मैच जीतने की दरकार है। वहीं न्यूजीलैंड को अपने बाकी 10 में से 7 टेस्ट जीतने होंगे, जबकि ऑस्ट्रेलिया को अपने शेष 9 मुकाबलों में से 6 में जीत हासिल करनी होगी। अगर आगामी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जैसे बड़े असाइनमेंट में ऑस्ट्रेलिया को भारतीय सरजमीं पर असफलता हाथ लगती है, तो वह भी फाइनल की रेस से बाहर होने के कगार पर पहुंच सकता है।