पूरे उत्तर प्रदेश पर मंडराया ये बड़ा संकट, मुख्यमंत्री योगी ने पीएम मोदी से लगाई गुहार

बिजली की स्टेशनों में कोयले का खजाना बहुत कम बचा है। इसकी आपूर्ति जल्द ही दुरूस्त न हुई तो पूरी यूपी बिजली संकट की चपेट में आ सकती है

फेस्टिव सीजन में कोयले की कमी की वजह यूपी में बिजली संकट (power crisis) और गहराया गया है। बड़ती डिमांड के चलते गांवों में बहुत ज्यादा बत्ती गुल की जा रही है। जिससे सरकार और जनता दोनो ही परेशान हैं।

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जानकारी के मुताबिक बिजली की स्टेशनों में कोयले का खजाना बहुत कम बचा है। इसकी आपूर्ति जल्द ही दुरूस्त न हुई तो पूरी यूपी बिजली संकट की चपेट में आ सकती है। तो वहीं इस मामले को देखते हुए सीएम योगी ने पीएम मोदी व केंद्रीय कोयला मंत्री को पत्र भेजकर राज्य को अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने और कोयले की आपूर्ति सामान्य कराने की अपील की है।

राज्य में बिजली व्यवस्था का दारोमदार प्रदेश के अपने चार बिजली की स्टेशनों के अलावा निजी क्षेत्र के आठ और एनटीपीसी के करीब डेढ़ दर्जन बिजली की स्टेशनों से मिलने वाली बत्ती पर है। कोयले की किलल्त से करीबन 6873 मेगावाट क्षमता की इकाइयां या तो बंद हुई हैं या उनके उत्पादन में कमी करनी पड़ी है। इससे यूपी में बिजली की उपलब्धता घट गई है।

राज्य में बिजली की मांग 17 हजार मेगावाट के आसपास बनी हुई है, जबकि उपलब्धता 14 से 16 हजार मेगावाट ही है। ऐसे में 2 हजार मेगावाट तक की कटौती करनी पड़ रही है। इसके चलते गांवों 11 घंटे और तहसीलों को 21.30 घंटे के बजाय लगभग 16 घंटे और बुंदेलखंड को बीस घंटे के बजाय लगभग 13/14 घंटे ही आपूर्ति हो पा रही है।

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