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नई दिल्ली॥ राजधानी दिल्ली का शाहीनबाग में ढाई महीने से अधिक वक्त से बन्द रास्ते के आखिर खुलने की आस जगी है। धरने पर बैठे 80 फीसदी प्रदर्शनकारी रास्ते को खाली करने पर सहमत बताए जाते हैं, जबकि 20 प्रतिशत अब भी इसे खाली न करने पर अड़े हैं। इस क्षेत्र के बुद्धिजीवी और मस्जिद के इमाम ऐसे प्रदर्शनकारियों को रास्ता खाली करने के लिए मनाने में लगे हैं।

इस मुद्दे पर धरना स्थल के पास कई बैठकें हो चुकी हैं। कई लाख लोगों की परेशानी को देखते हुए होली से पहले नोएडा-फरीदाबाद जाने वालों को यह रास्ता वापस मिल सकता है। नागरिकता कानून के विरोध में ढाई महीने से अधिक वक्त से रास्ता घेरकर धरना दे रहे प्रदर्शनकारी अब इसे खाली करने के लिए बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में जिद पर अड़े 20 फीसदी प्रदर्शनकारियों को मनाने का काम शुरू हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि हमारी लड़ाई मोदी सरकार से है, न कि आम लोगों से।

शाहीन बाग का रास्ता बंद होने से हर दिन लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं। नोएडा जाने वाले लोगों को काफी लंबा रास्ता तय करके गंतव्य तक जाना पड़ रहा है। इससे पहले ओखला से कालिंदी कुंज के रास्ते को प्रदर्शनकारियों ने खोल दिया था। इससे लोगों को बहुत सहूलियत मिली थी। पुलिस की ओर से भी प्रदर्शनकारियों को मनाने के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने क्षेत्र में धारा 144 भी लगाई है।

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