Up kiran,Digital Desk : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हुए दो हफ्तों के युद्धविराम (Ceasefire) ने भारतीय राजनीति में एक नया तूफान खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखे सवाल दागे हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने तंज कसते हुए पूछा है कि आखिर वो 'पापा ने वॉर रुकवा दी' वाला दावा अब कहां गया?
'पापा ने वॉर रुकवा दी' मीम से घेरा, कूटनीति पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए भाजपा के उस चर्चित विमर्श पर निशाना साधा, जो रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान सुर्खियों में आया था। रमेश ने पूछा, "भारत के प्रधानमंत्री, जो अमेरिका, इजरायल, ईरान और खाड़ी देशों के साथ विशेष मित्रता का दम भरते हैं और इस साल ब्रिक्स+ की अध्यक्षता भी संभाल रहे हैं, वे इस युद्धविराम वार्ता की तस्वीर से बाहर क्यों हैं? जब शांति की बात हो रही थी, तो भारत की भूमिका निर्णायक क्यों नहीं रही?"
उन्होंने आगे कटाक्ष किया कि जो सरकार पाकिस्तान को दुनिया भर में अलग-थलग करने का दावा करती थी, आज वही पाकिस्तान एक दिवालिया अर्थव्यवस्था होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच पर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
पाकिस्तान की भूमिका को बताया मोदी सरकार की विफलता
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी की 'पर्सनल डिप्लोमेसी' को इस घटनाक्रम से गहरा धक्का लगा है। जयराम रमेश के अनुसार, एक तरफ भारत सरकार पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान कूटनीतिक रूप से खुद को फिर से स्थापित करने में सफल रहा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि 2008 के मुंबई हमलों के बाद भारत ने पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग करने में सफलता पाई थी, लेकिन मौजूदा सरकार इस मोर्चे पर विफल रही है।
'ऑपरेशन सिन्दूर' और विदेश नीति पर तीखे प्रहार
कांग्रेस ने 10 मई 2025 को 'ऑपरेशन सिन्दूर' को अचानक रोके जाने पर भी सवाल उठाए। रमेश ने कहा कि इस ऑपरेशन के रुकने का श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति ले रहे हैं, जबकि भारत सरकार ने इस पर चुप्पी साधी हुई है। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि जो पाकिस्तान कभी भारत की नजर में 'दलाल' था, वह आज मध्यस्थ कैसे बन गया? कांग्रेस ने इसे 'विश्वगुरु' की छवि और '56 इंच की छाती' वाले दावों पर एक बड़ा प्रहार बताया है।
विपक्ष को विश्वास में लेने की मांग
कांग्रेस के विदेश मामलों के विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद ने भी इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण पाकिस्तान को मध्यस्थता का मौका मिला, जबकि भारत एक विश्वसनीय वार्ताकार बनने की बेहतर स्थिति में था। खुर्शीद ने मांग की कि सरकार को विपक्ष को भरोसे में लेना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापित करने में भारत की ऐतिहासिक भूमिका को फिर से बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
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