मेरठ में 2, बरेली में 1... एमएलसी चुनाव में बीजेपी ने लहराया परचम, सपा को झटका

मेरठ में 2, बरेली में 1... एमएलसी चुनाव में बीजेपी ने लहराया परचम, सपा को झटका

उत्तर प्रदेश के स्थानीय निकाय और शिक्षक-स्नातक विधान परिषद (MLC) चुनावों के नतीजों ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में तहलका मचा दिया है। मेरठ और बरेली खंड की बेहद महत्वपूर्ण सीटों पर हुए उपचुनाव और घमासान के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एकतरफा जीत दर्ज करते हुए अपना परचम लहरा दिया है। चुनाव परिणामों के आंकड़ों के अनुसार, मेरठ खंड की दोनों सीटों पर बीजेपी प्रत्याशियों ने रिकॉर्ड मतों से ऐतिहासिक जीत हासिल की, जबकि बरेली खंड की सीट पर भी भगवा परचम पूरी शान से फहराया। इस चुनाव परिणाम ने विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) को बहुत बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। निकाय और स्नातक-शिक्षक वर्ग के इस चुनाव को आगामी चुनावों के सेमी-फाइनल के रूप में देखा जा रहा था, जिसमें बीजेपी के बूथ प्रबंधन और जमीनी रणनीति के आगे विपक्षी खेमा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। मतगणना केंद्रों के बाहर सुबह से ही समर्थकों का तांता लगा हुआ था और जैसे ही विजयी उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक ऐलान हुआ, कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ जश्‍न मनाना शुरू कर दिया।

मेरठ और बरेली एमएलसी चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत का पूरा गणित: जानिए किस उम्मीदवार ने किसको कितने वोटों से दी शिकस्त?

पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रुहेलखंड के इस राजनीतिक मुकाबले पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई थीं। मेरठ सीट पर बीजेपी के दिग्गज रणनीतिकारों ने पहले दौर की मतगणना से ही बढ़त बनाए रखी, जो अंतिम चरण तक लगातार बढ़ती चली गई। मेरठ की दोनों सीटों पर समाजवादी पार्टी और अन्य निर्दलीय प्रत्याशियों की चुनौती पूरी तरह से पस्त हो गई। वहीं बरेली खंड एमएलसी सीट पर भी बीजेपी प्रत्याशी ने प्रथम वरीयता के वोटों में ही निर्णायक बढ़त हासिल करके सपा उम्मीदवार को करारी शिकस्त दे दी। चुनाव आयोग के अधिकारियों द्वारा प्रमाण पत्र सौंपते ही बीजेपी खेमे में जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे गूंजने लगे। जीत दर्ज करने के बाद बीजेपी के नए निर्वाचित एमएलसी ने अपनी जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन और कार्यकर्ताओं की दिन-रात की कड़ी मेहनत को दिया।

निकाय और स्नातक वर्ग के चुनाव में सपा का सूपड़ा साफ: जानिए विपक्ष की हार और बीजेपी के बढ़ते जनाधार के पीछे के मुख्य कारण!

सपा के लिए मेरठ और बरेली की इन सीटों पर मिली हार एक बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि पार्टी ने इन क्षेत्रों में अपनी पूरी ताकत झोंक रखी थी। हालांकि, बीजेपी के मजबूत बूथ मैनेजमेंट, स्थानीय विधायकों और सांसदों के एकजुट प्रचार तथा स्थानीय मतदाताओं के भरोसे ने पार्टी को यह शानदार जीत दिलाई। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मेरठ और बरेली जैसे प्रमुख मंडलों में एमएलसी सीटों पर कब्जा जमाने से बीजेपी ने यह साबित कर दिया है कि स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग, शिक्षकों, स्नातकों और निकाय जनप्रतिनिधियों के बीच उसका जनाधार लगातार मजबूत हो रहा है। इस करारी हार के बाद अब समाजवादी पार्टी के भीतर भी चुनावी तैयारियों, प्रत्याशी चयन और स्थानीय संगठन की भूमिका को लेकर मंथन का दौर शुरू होना तय माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत राज्य की जनता का बीजेपी के विकास मॉडल और कानून-व्यवस्था पर अटूट विश्वास का प्रमाण है। इस चुनावी जीत से न केवल बीजेपी का विधान परिषद (Upper House) में संख्या बल और ज्यादा मजबूत हुआ है, बल्कि कार्यकर्ताओं में एक नया राजनीतिक उत्साह और ऊर्जा भी देखने को मिल रही है।