अखिलेश यादव की उड़ी नींद! योगी, ओवैसी और चंद्रशेखर ने एक साथ कर दिया यूपी में बड़ा 'खेला'?
उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव इन दिनों चौतरफा सियासी हमलों का सामना कर रहे हैं। एक तरफ सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर दंगाइयों और घुसपैठियों से हमदर्दी रखने का गंभीर आरोप लगाया है, तो दूसरी तरफ एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उन्हें मुसलमानों को महज वोट बैंक समझने के लिए घेरा है। इन सबके बीच नगीना सांसद और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने भी गठबंधन में सम्मानजनक सीटों की मांग कर अखिलेश की सियासी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
कानपुर के बिठूर में करोड़ों के विकास कार्यों का उद्घाटन करते हुए सीएम योगी ने राम मंदिर और काशी के कायाकल्प का जिक्र किया। उन्होंने कांग्रेस और सपा को आड़े हाथों लेते हुए 'छोटे मियां-बड़े मियां' करार दिया और कहा कि पिछली सपा सरकार में दंगे होते थे और दंगाइयों का सीएम आवास पर सम्मान होता था। योगी ने अखिलेश पर घुसपैठियों को बचाने की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। सीएम के इन तीखे हमलों पर अखिलेश यादव ने तुरंत पलटवार किया। उन्होंने यूपी की वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग और बीजेपी पर मिलीभगत का दावा किया।
अखिलेश ने सबूत देते हुए कहा कि लिस्ट में एक ही नाम के हजारों फर्जी वोटर दर्ज हैं और उन्होंने सीएम योगी से पूछा कि बीजेपी की नजर में असली घुसपैठिया कौन है। हालांकि राज्य चुनाव आयोग ने सपा के इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक इलाके में एक ही नाम वाले कई लोग हो सकते हैं। इस सियासी घमासान में असदुद्दीन ओवैसी ने भी मुजफ्फरनगर में अखिलेश पर करारा प्रहार किया। खुद की तुलना 'रावण' से किए जाने पर भड़के ओवैसी ने सपा राज में हुए मुजफ्फरनगर दंगों की याद दिलाई। उन्होंने साफ कहा कि मुसलमान अब सिर्फ राजनीतिक पार्टियों के लिए दरी नहीं बिछाएगा और फैसले लेने वाली टेबल पर अपनी जगह मांगेगा।
ओवैसी के इस बयान का यूपी के मंत्री ओपी राजभर ने भी समर्थन करते हुए अखिलेश को मुस्लिम सीएम बनाने की खुली चुनौती दे डाली। इसी बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मुसलमानों की नुमाइंदगी कांग्रेस के पास होने का दावा किया। विपक्ष की इस आपसी खींचतान के बीच चंद्रशेखर आजाद ने साफ चेतावनी दी है कि अगर बीजेपी को हराना है तो अखिलेश को सभी को साथ लेकर सीटों का सही बंटवारा करना होगा, वरना विपक्ष के वोट बंटने की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ सपा प्रमुख की होगी।