नहीं रहे 'सादगी की मिसाल' आलम बदी आज़मी: सपा के 5 बार के विधायक का 90 वर्ष की उम्र में निधन, ठुकरा दिया था मंत्री पद
समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश की निज़ामाबाद विधानसभा सीट से 5 बार विधायक रहे दिग्गज राजनीतिज्ञ आलम बदी आज़मी का बुधवार रात लखनऊ के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से आज़मगढ़ समेत पूरे उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
अखिलेश यादव ने जताया गहरा दुख
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर आज़मी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा कि आज़मगढ़ के निज़ामाबाद से लोकप्रिय विधायक और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता जनाब आलम बदी साहब के निधन से मुझे अत्यंत दुख हुआ है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और शोकाकुल परिवार को यह अपार दुख सहने की शक्ति प्रदान करे। भावभीनी श्रद्धांजलि।
कौन थे आलम बदी आज़मी? इंजीनियरिंग छोड़ गांधीवादी राह चुनी
1936 में आज़मगढ़ के बिलारियागंज में जन्मे आलम बदी आज़मी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। गोरखपुर में कुछ समय नौकरी करने के बाद वे महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस के विचारों से प्रभावित होकर राजनीति और जनसेवा के मैदान में उतर आए।
वे पहली बार 1996 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर निज़ामाबाद से विधायक बने। इसके बाद उन्होंने पांच बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और क्षेत्र की जनता के दिल में खास जगह बनाई।
जब ठुकरा दिया था मंत्री पद का प्रस्ताव
आलम बदी आज़मी की सत्यनिष्ठा का सबसे बड़ा उदाहरण 2012 में देखने को मिला। जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी, तो उन्हें कैबिनेट मंत्री पद का प्रस्ताव दिया गया था। हालांकि, उन्होंने यह कहते हुए मंत्री पद लेने से साफ इनकार कर दिया कि मैं मंत्री बनने के बजाय अपने क्षेत्र की जनता के बीच रहकर सीधे उनकी सेवा करना ज्यादा पसंद करूंगा।