लखनऊ-कानपुर समेत 5 जिलों में अगले 3 घंटे भारी, तेज आंधी और बिजली गिरने के साथ बारिश का अलर्ट

लखनऊ-कानपुर समेत 5 जिलों में अगले 3 घंटे भारी, तेज आंधी और बिजली गिरने के साथ बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता में आई आंशिक गिरावट के बावजूद स्थानीय मौसमी बदलावों के चलते बारिश और बादलों की गर्जना का दौर लगातार बना हुआ है।

मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ की ओर से जारी तात्कालिक चेतावनी (नाउकास्ट) के मुताबिक अगले तीन घंटों के भीतर राजधानी लखनऊ सहित हरदोई, कानपुर देहात, कानपुर नगर और उन्नाव जनपद के कई इलाकों में तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने के साथ मध्यम से भारी दर्जे की बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के निवासियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की हिदायत दी है।

राजधानी में खिली धूप के बाद बारिश, पूर्वी यूपी में भी हलचल

गुरुवार सुबह से ही प्रदेश के अधिकांश जनपदों में बादलों की आवाजाही देखी गई। राजधानी लखनऊ के कई इलाकों में दोपहर के समय अचानक मौसम का मिजाज बदला और रुक-रुक कर तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ चुनिंदा जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार बने हुए हैं, जबकि मध्य और पश्चिमी यूपी के इक्का-दुक्का स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की अनुकूल परिस्थितियां मौजूद हैं।

स्थानीय मौसमी तंत्र सक्रिय, वैज्ञानिक ने दी स्थिति की जानकारी

लखनऊ मौसम केंद्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में पूरे प्रदेश में एक साथ व्यापक या मूसलाधार बारिश का कोई बड़ा सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसके बावजूद वायुमंडल में मौजूद उच्च आर्द्रता और तापमान के चलते स्थानीय स्तर पर कन्वेक्टिव क्लाउड्स (संवहनीय बादल) विकसित हो रहे हैं, जिससे सीमित दायरे में अचानक तेज बौछारें और वज्रपात की घटनाएं घट रही हैं। यह छिटपुट सिलसिला अगले कुछ दिनों तक अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसे ही जारी रह सकता है, जिसके तहत लखनऊ में भी घने बादलों के बीच गरज-चमक वाली बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

11 से 15 सितंबर के बीच मानसूनी गतिविधियों में आएगी कमी

मौसम विभाग के दीर्घावधि पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में प्रदेश भर में बारिश की गतिविधियों में क्रमिक गिरावट दर्ज की जाएगी। 11 से 15 सितंबर के दौरान उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना काफी क्षीण है और मानसून की तीव्रता तुलनात्मक रूप से बेहद कम रहेगी। इस दौरान कुछ सीमित पॉकेट्स में केवल बूंदाबांदी या हल्की फुहारें ही देखने को मिलेंगी, जिससे दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी और उमस का अहसास बढ़ सकता है।

वज्रपात से बचाव के लिए एडवाइजरी: खेतों और खुले मैदानों से दूर रहें किसान

आकाशीय बिजली गिरने के संभावित खतरों को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने जनहित में विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बारिश या बादलों की गड़गड़ाहट के समय लोगों को खुले मैदानों, जलभराव वाले क्षेत्रों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी गई है। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में किसानों से अपील की गई है कि तेज बिजली कड़कने के दौरान खेतों में कृषि कार्य तुरंत रोक दें और पक्के सुरक्षित आश्रय स्थलों में चले जाएं।