राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद बड़ा एक्शन: SBI और ट्रस्ट ने बदली दान गिनती की पूरी व्यवस्था, 36 पुराने कर्मी हटाए गए
अयोध्या (Ayodhya) के भव्य राम मंदिर में प्रभु रामलला के चरणों में आने वाले करोड़ों रुपये के चढ़ावे की सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ा और कड़ा फैसला लिया गया है। राम जन्मभूमि परिसर में हाल ही में सामने आई दान राशि की चोरी की गंभीर घटना के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने संयुक्त रूप से कड़ा रुख अपनाया है। मंदिर के इतिहास में पहली बार दान के रूप में आने वाले रुपयों और सोने-चांदी के सिक्कों की गिनती की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह से बदल दिया गया है। इस बड़े सुरक्षा बदलाव के तहत दानपात्रों से निकलने वाली नकदी की गिनती करने वाले 36 पुराने कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है, ताकि पारदर्शिता और सुरक्षा को चाक-चौबंद किया जा सके।
क्यों लेना पड़ा यह बड़ा फैसला? चढ़ावा चोरी की घटना से मचा था हड़कंप
राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से ही देश और दुनिया भर से आने वाले लाखों श्रद्धालु हर दिन करोड़ों रुपये का नगद और कीमती धातुओं का दान कर रहे हैं। इस भारी-भरकम चढ़ावे की गिनती के दौरान पिछले दिनों कुछ सुरक्षा कर्मियों और सेवादारों द्वारा नगदी चोरी किए जाने की शिकायतें और पुख्ता सबूत सामने आए थे। गर्भगृह और दान काउंटरों के आसपास से नकदी गायब होने की घटनाओं को ट्रस्ट ने बेहद गंभीरता से लिया। राम भक्तों की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर तुरंत एक्शन लेते हुए ट्रस्ट ने जांच बैठाई और पाया कि पुरानी व्यवस्था में कुछ खामियां थीं, जिसका फायदा उठाकर यह हेराफेरी की जा रही थी। इसी के बाद पूरी काउंटिंग टीम को ही बदलने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।
36 कर्मियों की छुट्टी, अब एसबीआई के स्टाफ और नए सेवादारों को कमान
ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक, दान की गिनती की प्रक्रिया से सीधे जुड़े 36 पुराने संविदा और आउटसोर्स कर्मियों को उनके पदों से हटा दिया गया है।
नई टीम और सख्त निगरानी: अब दान राशि की गिनती और उसके प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के प्रशिक्षित बैंकिंग स्टाफ और ट्रस्ट द्वारा विशेष रूप से चुने गए नए निष्ठावान सेवादारों को सौंपी गई है। नई टीम के हर सदस्य का कड़ा पुलिस वेरिफिकेशन और बैकग्राउंड चेक किया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अनैतिक गतिविधि की गुंजाइश न बचे।
जेब कटे कपड़े और बायोमेट्रिक एंट्री; अब ऐसे होगी रामलला के खजाने की गिनती
भविष्य में चोरी की घटनाओं को शून्य करने के लिए एसबीआई और ट्रस्ट ने काउंटिंग रूम (Counting Room) के नियमों को बेहद सख्त और आधुनिक बना दिया है। नई व्यवस्था के तहत निम्नलिखित कड़े कदम उठाए गए हैं:
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बिना जेब वाले विशेष कपड़े: दान की गिनती करने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को जेब वाले कपड़े पहनकर अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। उनके लिए एक विशेष 'पॉकेटलेस' यूनिफॉर्म (बिना जेब वाले कपड़े) अनिवार्य कर दी गई है।
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बायोमेट्रिक और टू-लेयर चेकिंग: काउंटिंग रूम में प्रवेश करने और बाहर निकलने के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन लागू किया गया है। इसके अलावा परिसर के अंदर और बाहर जाते समय हर कर्मी की दो स्तरीय (Two-Layer) शारीरिक तलाशी ली जा रही है।
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360-डिग्री सीसीटीवी सर्विलांस: पूरे काउंटिंग हॉल को अत्याधुनिक हाई-डेफिनिशन 360-डिग्री सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिसकी सीधी मॉनिटरिंग सीधे ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों और सुरक्षा प्रमुखों द्वारा की जा रही है।
पारदर्शी व्यवस्था के लिए नोट गिनने की आधुनिक मशीनें तैनात
राम मंदिर में आने वाले भारी चढ़ावे को देखते हुए अब गिनती की रफ्तार और शुद्धता बढ़ाने के लिए हाई-स्पीड नोट काउंटिंग और फेक नोट डिटेक्टर मशीनें लगाई गई हैं। प्रतिदिन के चढ़ावे का पूरा हिसाब-किताब डिजिटल लॉगर में उसी समय दर्ज किया जाता है और दिन की समाप्ति पर एसबीआई की मुख्य शाखा में सुरक्षित रूप से ट्रांसफर कर दिया जाता है। उत्तर प्रदेश (UP) के अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी सहित देश भर के राम भक्तों के बीच इस सख्त कदम की सराहना की जा रही है, क्योंकि इससे रामलला के खजाने की सुरक्षा पूरी तरह अचूक हो गई है।