राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़ा खुलासा: इस आरोपी के पास से मिले सबसे ज्यादा पैसे, बैंक ऑफ बड़ौदा को पुलिस का नोटिस

राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़ा खुलासा: इस आरोपी के पास से मिले सबसे ज्यादा पैसे, बैंक ऑफ बड़ौदा को पुलिस का नोटिस

अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर दान चोरी मामले में अयोध्या पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। सूत्रों से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले के मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कैश रिकवरी की है। पुलिस द्वारा बरामद किए गए कुल 89 लाख रुपये में से अधिकांश हिस्सा अविनाश शुक्ला के पास से ही मिला है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह मोटी रकम एफआईआर (FIR) दर्ज होने से पहले ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने स्तर पर प्रयास करके बरामद कर ली थी।

बैंक ऑफ बड़ौदा अयोध्या ब्रांच पहुंची पुलिस, भेजा नोटिस

चंदा चोरी के इस हाई-प्रोफाइल मामले के तार अब बैंकों से भी जुड़ने लगे हैं। अयोध्या पुलिस ने इस सिलसिले में बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) की स्थानीय मुख्य शाखा में सघन जांच-पड़ताल की है। पुलिस ने बैंक प्रबंधन को एक औपचारिक नोटिस सर्व कर कई अहम जानकारियां मांगी हैं। दरअसल, इस बैंक में राम मंदिर ट्रस्ट का एक विशेष खाता संचालित होता है, जिसमें देश-विदेश के भक्तों द्वारा केवल ऑनलाइन माध्यम या क्यूआर (QR) कोड से भेजा गया डिजिटल चढ़ावा ही जमा होता है। इस खाते में सीधे तौर पर कोई भी नकद (कैश) राशि जमा नहीं की जाती है।

एसबीआई (SBI) है ट्रस्ट का मुख्य बैंक, जहां जमा होता है नकद चढ़ावा

जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारियों की राम मंदिर के चढ़ावे को गिनने या ट्रस्ट की आंतरिक गतिविधियों में कोई सीधी भूमिका नहीं है। मंदिर में आने वाले कुल चढ़ावे का मात्र 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा ही ऑनलाइन मोड के जरिए बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के खातों में जाता है। बाकी का सारा नकद चढ़ावा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के जरिए संभाला जाता है, जो ट्रस्ट का मुख्य बैंकिंग पार्टनर है। एसबीआई ने ही राम मंदिर में कैश काउंटिंग और कलेक्शन के लिए आउटसोर्स कैशियर तैनात कर रखे हैं।

हर महीने आता है करोड़ों का ऑनलाइन चंदा

ट्रस्ट के गठन और राम मंदिर निर्माण की शुरुआत से लेकर साल 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो सामान्य दिनों में हर महीने औसतन 1 से 1.5 करोड़ रुपये का ऑनलाइन चढ़ावा इस बैंक खाते में आता रहा है। वहीं, त्योहारों, छुट्टियों और महाकुंभ जैसे विशेष अवसरों पर यह डिजिटल दान दोगुना से भी ज्यादा होकर 4 से 5 करोड़ रुपये प्रति माह तक पहुंच जाता था। इस खाते से साल में महज एक या दो बार ही चेक के माध्यम से फंड निकाला जाता है। यदि कोई बड़ी धनराशि निकालनी हो, तो ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों से बकायदा क्रॉस-वेरिफिकेशन करने के बाद ही चेक क्लियर किया जाता है।