Vande Bharat ट्रेन में सोने की तस्करी का अनोखा मामला

Vande Bharat ट्रेन में सोने की तस्करी का अनोखा मामला

भारतीय रेलवे की हाई-स्पीड और प्रीमियम मानी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) ट्रेन में तस्करी का एक ऐसा हैरान करने वाला और शातिर मामला सामने आया है, जिसे जानकर सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ गए हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के चारबाग रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और रेलवे सुरक्षा बल ने एक ऐसे तस्कर को दबोचा जिसने सोने की तस्करी का बेहद अनोखा तरीका निकाला हुआ था। आरोपी यात्री अपने घुटनों पर विशेष रूप से तैयार किए गए नी-कैप (Knee Cap) के अंदर करोड़ों रुपए का सोना छिपाकर बड़ी चालाकी से सफर कर रहा था। लेकिन खुफिया तंत्र की पुख्ता सूचना और सतर्कता के आगे उसकी यह शातिर चाल फेल हो गई और चेकिंग के दौरान लखनऊ पहुंचते ही उसका सारा राज खुलकर सामने आ गया। बरामद किए गए सोने की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कुल कीमत करीब 1.72 करोड़ रुपए आंकी जा रही है।

आखिर कैसे रची गई थी सोने की तस्करी की यह साजिश और खुफिया एजेंसियों को कैसे मिली भनक?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तस्करी के इस बड़े खेल को अंजाम देने वाले शातिर शख्स ने सुरक्षा जांच और मेटल डिटेक्टर्स से बचने के लिए अपने शरीर का इस्तेमाल करने का यह नायाब तरीका ढूंढा था। उसने विशेष प्रकार के लचीले और वजन में हल्के नी-कैप तैयार करवाए थे, जिनके अंदर सोने के बिस्कुट और पेस्ट को बहुत ही सफाई के साथ फिट किया गया था ताकि बाहर से किसी को भी शक न हो सके। लेकिन अपराध और तस्करी की दुनिया पर नजर रखने वाली खुफिया एजेंसियों को इस बात की भनक पहले ही लग चुकी थी कि वंदे भारत ट्रेन के जरिए भारी मात्रा में अवैध सोना एक शहर से दूसरे शहर ले जाया जा रहा है। जैसे ही ट्रेन अपने निर्धारित समय पर लखनऊ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर दाखिल हुई, पहले से मुस्तैद डीआरआई और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने संदिग्ध यात्री को तुरंत घेर लिया और उसकी तलाशी लेनी शुरू कर दी।

तलाशी के दौरान पैरों की बनावट देखकर पुलिस का शक हुआ गहरा, नी-कैप खुलते ही उड़े सबके होश

जब सुरक्षा कर्मियों ने संदिग्ध यात्री से पूछताछ की और सामान्य जांच के बाद उसके पहनावे की बारीकी से जांच की, तो उन्हें उसके घुटनों के पास कुछ असामान्य उभार महसूस हुआ। शुरुआत में यात्री ने अधिकारियों को गुमराह करने की बहुत कोशिश की और अपनी शारीरिक स्थिति का हवाला देकर बचने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क अधिकारियों ने जब सख्ती दिखाते हुए उसके पहने हुए नी-कैप को उतरवाया और उसकी सिलाई की जांच की, तो अंदर का नजारा देखकर वहां मौजूद सभी पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। नी-कैप के अंदर छिपाकर रखे गए सोने के टुकड़े और बिस्कुट बाहर निकलते ही पूरी तस्करी का पर्दाफाश हो गया। इतनी बड़ी मात्रा में सोना बरामद होने के बाद आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया गया और उसे पूछताछ के लिए गोपनीय स्थान पर ले जाया गया, जहां उससे जुड़े अन्य साथियों और सिंडिकेट के बारे में लगातार पूछताछ की जा रही है।

ट्रेनों के जरिए बढ़ते तस्करी के मामलों पर रेलवे सुरक्षा बलों की पैनी नजर, लखनऊ जंक्शन पर बढ़ाई गई चौकसी

इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों, विशेषकर लखनऊ चारबाग और आसपास के जंक्शनों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया गया है। तस्कर अब हवाई अड्डों के साथ-साथ वंदे भारत और अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों को भी अपनी अवैध गतिविधियों के लिए सेफ रूट के रूप में इस्तेमाल करने की फिराक में रहते हैं, लेकिन केंद्रीय एजेंसियों की मुस्तैदी से उनके इन मंसूबों पर पानी फेर दिया जा रहा है। सीमा शुल्क विभाग और डीआरआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह सोना देश के किस हिस्से से लाया जा रहा था और इसे लखनऊ या इसके आसपास के किस बड़े सर्राफा कारोबारी तक पहुंचाया जाना था। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा तंत्र कितने भी शातिर अपराधियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।