विपक्ष के मजबूत किलों पर BJP का ‘महिला वार’, जानिए कौन हैं वो 5 बड़े चेहरे

विपक्ष के मजबूत किलों पर BJP का ‘महिला वार’, जानिए कौन हैं वो 5 बड़े चेहरे

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सियासी पारा अभी से चढ़ने लगा है। राजनीतिक दलों ने अंदरखाने अपनी चालें चलनी शुरू कर दी हैं। सत्ताधारी पार्टी ने इस बार विपक्ष को घेरने के लिए एक अलग ही रणनीति अपनाई है।

चुनावी वैतरणी पार करने के लिए पार्टी ने अपनी महिला नेताओं को सबसे आगे कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या इन पांच प्रमुख नेत्रियों के कंधों पर सवार होकर पार्टी विरोधी दलों के मजबूत किलों को ढहाने में कामयाब हो पाएगी। जनता के बीच इन चेहरों की मौजूदगी का सीधा असर आगामी समीकरणों पर पड़ता दिखाई दे रहा है।

यादव और दलित वोट बैंक पर खास नजर

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि पार्टी ने सोच-समझकर ऐसे चेहरों को मैदान में उतारा है जो सीधे तौर पर विरोधी खेमे के वोट बैंक में सेंध लगा सकें। मुलायम परिवार की बहू रहीं अपर्णा यादव को पार्टी लगातार सामाजिक मंचों और महिलाओं के बीच आगे बढ़ा रही है। उनकी शांत और सहज शैली का फायदा यह मिल रहा है कि यादव समुदाय के एक हिस्से का झुकाव पार्टी की तरफ हो रहा है।

दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश से लेकर बुंदेलखंड तक अपनी मजबूत पकड़ रखने वाली बेबी रानी मौर्य दलित मतदाताओं को जोड़े रखने में अहम भूमिका निभा रही हैं। प्रशासन और शासन का लंबा अनुभव रखने वाली इन नेत्रियों की बदौलत मैदानी स्तर पर पार्टी की पकड़ और अधिक मजबूत होती जा रही है।

युवाओं और महिलाओं के बीच दमदार पकड़ वाले अन्य चेहरे

इस पूरी रणनीति में कुछ ऐसे नाम भी शामिल हैं जिनकी मुखर शैली जनता के बीच तुरंत असर छोड़ती है। राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाने वाली स्मृति ईरानी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने का हुनर जानती हैं। इसके अलावा रायबरेली के राजनीतिक गलियारों में सक्रिय रहने वाली अदिति सिंह युवा वर्ग के बीच खासी लोकप्रिय हैं और विपक्षी दलों पर तीखे प्रहार करने के लिए जानी जाती हैं।

अनुभवी राजनीतिज्ञ रीता बहुगुड़ा जोशी का साथ मिलने से शिक्षित वर्ग और पारंपरिक मतदाताओं का समर्थन भी पार्टी को मिलता दिख रहा है। इन सभी महिलाओं की सक्रियता यह साफ बताती है कि आने वाले चुनाव में मुकाबला केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि धरातल पर तगड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।