'भगवान को अमीरों-गरीबों में मत बांटो', बरसाना में गरजे बाबा रामदेव; ओवैसी और रेवंत रेड्डी को दिया करारा जवाब

'भगवान को अमीरों-गरीबों में मत बांटो', बरसाना में गरजे बाबा रामदेव; ओवैसी और रेवंत रेड्डी को दिया करारा जवाब

धर्मनगरी मथुरा के बरसाना में चल रही पंडित प्रदीप मिश्रा की श्रीशिव महापुराण कथा में बुधवार को योग गुरु बाबा रामदेव शामिल हुए। इस दौरान मंच से बाबा रामदेव ने देश के समसामयिक राजनीतिक और धार्मिक मसलों पर बेबाक राय रखी। 

एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी के उस दावे पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश में कोई मुस्लिमों की राजनीतिक आवाज नहीं चाहता, रामदेव ने कहा कि भारत की ताकत एकता में है। यदि हिंदू और मुसलमान साथ मिलकर चलेंगे तो दोनों समुदाय मजबूत होंगे और राष्ट्र सशक्त बनेगा। इसी बीच उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा भगवान राम और शिव को लेकर दिए गए बयान पर भी गहरी आपत्ति दर्ज कराई।

राम और शिव में कोई भेद नहीं, आस्था में दीवारें न खड़ी करें नेता

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की टिप्पणी का सीधा खंडन करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि सनातन परंपरा अनंत काल से चली आ रही है और हमेशा अडिग रहेगी। कुछ नेताओं ने पहले समाज को जाति, वर्ग और समुदायों में तोड़ा और अब वे भगवान को भी बांटने का प्रयास कर रहे हैं। राम को अमीरों का और शिव को गरीबों का बताना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

राम, शिव, कृष्ण, हनुमान, मां भगवती, लक्ष्मी-नारायण और राधा-कृष्ण एक ही परम तत्व हैं। राजनीतिक लाभ के लिए देवताओं के नाम पर समाज में भ्रम और भेदभाव के बीज नहीं बोए जाने चाहिए।

सोशल मीडिया पर अश्लीलता से बचें युवा, संस्कृति से जुड़ने की सीख

युवा पीढ़ी को आगाह करते हुए योग गुरु ने इंटरनेट पर परोसी जा रही सामग्री पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के युवा सोशल मीडिया की फूहड़ रील्स और अश्लील वीडियो में अपना कीमती समय नष्ट कर रहे हैं। इससे समाज का सांस्कृतिक ताना-बाना कमजोर हो रहा है। उन्होंने नौजवानों से अपील की कि वे भटकाव छोड़कर अपनी समृद्ध विरासत, धर्म, संस्कृति और भक्ति मार्ग से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।

कन्वर्टेड मुसलमान वाले बयान पर AIMIM नेता शौकत अली का पलटवार

बाबा रामदेव के मुस्लिम समुदाय की जड़ों को लेकर दिए गए बयान पर सियासी माहौल भी गरमा गया है। रामदेव ने कहा था कि भारतीय मुसलमानों के मूल पूर्वज भी ऋषि-मुनि और राम-कृष्ण रहे हैं, हिंदुस्तान के मुसलमान अपनी पहचान को समझें क्योंकि ऐतिहासिक रूप से वे इसी मिट्टी से जुड़े हैं। इस पर पलटवार करते हुए AIMIM नेता शौकत अली ने तंज कसा कि सबके पूर्वज आदम हैं और रामदेव को ही घर वापसी करनी चाहिए ताकि दोनों मिलकर नमाज पढ़ें और बिरयानी खाएं। दोनों तरफ से हुई इस बयानबाजी के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।