चित्रकूट जाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! 1008 करोड़ से बनेगा 6-लेन लिंक एक्सप्रेसवे

चित्रकूट जाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! 1008 करोड़ से बनेगा 6-लेन लिंक एक्सप्रेसवे

बुंदेलखंड के निवासियों और देश-दुनिया से चित्रकूट धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक में चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित प्रस्ताव को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है।

छह लेन वाले इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के निर्माण पर तकरीबन 1,008.67 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जो धार्मिक नगरी चित्रकूट धाम को सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सबसे अहम बात यह है कि इसका पूरा वित्तीय भार उत्तर प्रदेश सरकार खुद वहन करेगी और इसमें केंद्र सरकार की कोई आर्थिक हिस्सेदारी नहीं होगी। कैबिनेट बैठक में इस परियोजना समेत कुल 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।

15.172 किमी लंबा होगा 6-लेन कॉरिडोर, 120 किमी/घंटा की रफ्तार से भरेंगे फर्राटा

प्रस्तावित चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 15.172 किलोमीटर होगी और इसे आधुनिक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। यह विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे करीब 110 मीटर चौड़ा होगा और इसमें छह लेन का कैरिजवे तैयार किया जाएगा, जिस पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ सकेंगे। इस एक्सेस-कंट्रोल सड़क के बनने से यात्रा न केवल बेहद सुगम और तेज होगी, बल्कि सफर के समय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

पुल, फ्लाईओवर और 17 अंडरपास से लैस होगा रूट; जल्द जारी होंगे ग्लोबल टेंडर

यातायात को पूरी तरह निर्बाध और सुरक्षित रखने के लिए इस परियोजना में कई प्रमुख बुनियादी ढांचों का निर्माण शामिल किया गया है। 15.172 किमी के इस हिस्से में एक बड़ा पुल, चार छोटे पुल, एक प्रमुख फ्लाईओवर, 17 अंडरपास और 23 पुलिया (कलवर्ट) का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त यात्रियों की सुविधा के लिए एक आधुनिक टोल प्लाजा और टोल कनेक्शन बूथ भी स्थापित किए जाएंगे। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद अब निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिसके लिए जल्द ही वैश्विक स्तर पर बोलियां (ग्लोबल टेंडर) आमंत्रित की जाएंगी। टेंडर फाइनल होते ही धरातल पर निर्माण कार्य तेज कर दिया जाएगा।

चित्रकूट धाम दर्शन होगा आसान, खिलौना नीति-2025 और लखनऊ हाई-टेक टाउनशिप को भी मंजूरी

भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट एक प्रमुख धार्मिक व पर्यटन केंद्र है, जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु मत्था टेकने आते हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से इस लिंक रोड के जुड़ने से दिल्ली, कानपुर, लखनऊ और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। इसी कैबिनेट बैठक में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देते हुए 'उत्तर प्रदेश खिलौना निर्माण प्रोत्साहन नीति-2025' को भी स्वीकृति दी गई, जिसका उद्देश्य राज्य में टॉय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भारी निवेश लाना और स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करना है। इसके साथ ही कैबिनेट ने राजधानी लखनऊ में पहले से स्वीकृत हाई-टेक टाउनशिप परियोजना को तेजी से पूरा करने से जुड़े प्रस्ताव को भी अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है।