बरेली और सीतापुर में काल बनकर दौड़ी तेज रफ्तार: भीषण सड़क हादसों में 3 लोगों की दर्दनाक मौत, कांवड़ियों समेत 22 से ज्यादा गंभीर रूप से घायल

बरेली और सीतापुर में काल बनकर दौड़ी तेज रफ्तार: भीषण सड़क हादसों में 3 लोगों की दर्दनाक मौत, कांवड़ियों समेत 22 से ज्यादा गंभीर रूप से घायल

उत्तर प्रदेश के बरेली और सीतापुर जिलों से सावन के महीने में दो बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली सड़क दुर्घटनाएं सामने आई हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही और कोहरे जैसी स्थितियों के बीच हुए इन भयानक हादसों में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कांवड़ियों समेत 22 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अचानक हुई इन घटनाओं से दोनों ही इलाकों में कोहराम मच गया है और स्थानीय अस्पतालों में घायलों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया है।

बरेली में तेज रफ्तार का कहर और कांवड़ियों से भरा वाहन दुर्घटनाग्रस्त

बरेली जिले में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर भयानक हादसे का शिकार हो गया। इस दुर्घटना में भगवान शिव की आराधना में लीन कई कांवड़िए गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद से पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

सीतापुर में भी भीषण सड़क हादसे ने छीनी जिंदगियां

दूसरी ओर, सीतापुर जिले में भी रफ्तार का कहर देखने को मिला। यहाँ हुए एक अन्य भीषण सड़क हादसे में 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने में जुटी हुई है।

प्रशासन की अपील और सड़क सुरक्षा पर सवाल

लगातार हो रहे इन सड़क हादसों ने एक बार फिर यातायात नियमों और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वाहन चलाते समय पूरी सावधानी बरतें, तय गति सीमा का पालन करें और थकान या नशे की हालत में गाड़ी चलाने से बचें। फिलहाल, दोनों ही जिलों की पुलिस मामलों की जांच कर रही है और घायलों के बेहतर इलाज के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।