बर्थडे से एक दिन पहले मौत! पिता से पूछा था- ‘पापा क्या गिफ्ट दोगे?’ फिर सुबह घर में मचा कोहराम

बर्थडे से एक दिन पहले मौत! पिता से पूछा था- ‘पापा क्या गिफ्ट दोगे?’ फिर सुबह घर में मचा कोहराम

उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित गुजैनी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 21 साल की एक युवती ने अपने जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले घर के पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। मृतका का शनिवार यानी 12 सितंबर को जन्मदिन था और परिवार में खुशियों की तैयारी चल रही थी।

गुरुवार रात तक वह बेहद खुश थी और उसने मुस्कुराते हुए अपने पिता से पूछा था कि पापा इस बार अपनी लाडली को बर्थडे पर क्या तोहफा दोगे। शुक्रवार को जब पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पिता अपनी बेटी के उन आखिरी पलों को याद कर रहे थे तो उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पिता का कहना था कि वह बेटी के लिए कोई बेहतरीन उपहार सोच पाते उससे पहले ही उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।

गुजैनी के वरुण विहार का मामला, हंसी-खुशी सो गया था परिवार

यह हृदयविदारक घटना गुजैनी क्षेत्र के वरुण विहार की है। यहां एक निजी संस्थान में कार्यरत प्रेम कुमार अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनके परिवार में पत्नी राधा, दो बेटे आयुष व संजय और 21 साल की इकलौती बेटी कृपा कुमारी थी। पिता प्रेम कुमार के अनुसार 12 सितंबर को कृपा का जन्मदिन पड़ता है और उसी दिन उनके भतीजे मयंक का भी जन्मदिवस होने के कारण दोनों हर साल साथ में केक काटा करते थे। गुरुवार की रात कृपा अपने पिता के पास आई और लाड जताते हुए बोली कि पापा इस बार अपनी लाडली को क्या गिफ्ट दोगे। पिता ने भी दुलार से कहा कि तुम्हें जो पसंद हो बता दो, क्योंकि तुम्हारे साथ मयंक को भी गिफ्ट देना है। इसके बाद सभी सदस्य सामान्य दिनों की तरह खाना खाकर आराम से सो गए।

देर रात छत वाले कमरे में दुपट्टे से लगाई फांसी, सुबह टूटे परिजनों के अरमान

आधी रात को कृपा अपने बिस्तर से उठी और मकान की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में चली गई। वहां उसने अपने दुपट्टे को पंखे से बांधकर फंदा तैयार किया और उस पर झूल गई। शुक्रवार की सुबह जब काफी देर तक कृपा अपने कमरे में नजर नहीं आई तो परिजनों ने उसे पुकारना शुरू किया। आवाज लगाते हुए जब परिवार के लोग ऊपर पहुंचे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक खटखटाने पर भी जब अंदर से कोई हरकत नहीं हुई तो अनहोनी की आशंका में परिजनों ने किसी तरह दरवाजा तोड़ा। अंदर कदम रखते ही मां राधा, पिता और दोनों भाइयों के पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि सामने कृपा का शव फंदे पर झूल रहा था।

मोबाइल नहीं रखती थी युवती, मोहल्ले में किसी से नहीं था संपर्क

गुजैनी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजन शर्मा ने बताया कि आत्महत्या की ठोस वजह अभी सामने नहीं आ सकी है। जब पुलिस टीम ने आसपास के पड़ोसियों से जानकारी जुटाई तो पता चला कि यह परिवार इलाके में किसी से ज्यादा बातचीत या मेलजोल नहीं रखता था। घर का मुख्य दरवाजा भी अमूमन बंद ही रहता था। सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि 21 साल की होने के बावजूद मृतका किसी भी तरह के मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करती थी।

11वीं में छोड़ दी थी पढ़ाई, फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

परिजनों ने पुलिस को बताया कि कृपा ने किसी तरह 10वीं बोर्ड की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद वह कामदगिरी स्कूल में 11वीं कक्षा में दाखिल हुई, लेकिन कुछ ही दिनों में उसने पढ़ाई में मन न लगने की बात कहकर स्कूल जाना बंद कर दिया था। तब से वह लगातार घर पर ही रह रही थी। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के तथ्य सामने आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।