Kanpur Crime News: सुबह छत पर गया 72 वर्षीय बुजुर्ग, कुछ देर बाद मचा कोहराम
उत्तर प्रदेश के कानपुर महानगर अंतर्गत चकेरी थाना क्षेत्र के सावित्री नगर से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 72 वर्षीय सेवानिवृत्त सिंचाईकर्मी ने अपने घर की छत पर खुद पर ज्वलनशील थिनर डालकर आग लगा ली।
जब तक आग की भयंकर लपटों को बुझाया जाता, तब तक बुजुर्ग गंभीर रूप से झुलस चुके थे। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया, जहां जांच के उपरांत चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की वैधानिक जांच शुरू कर दी है।
छत का दरवाजा बंद कर थिनर से लगाई आग, चीख सुनकर दौड़े लोग
मृतक की पहचान 72 वर्षीय राम रतन साहू के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कानपुर के नवाबगंज इलाके के निवासी थे और सिंचाई विभाग में चतुर्थ श्रेणी पद (दफ्तरी) से अक्टूबर 2014 में रिटायर हुए थे। वे वर्तमान में सावित्री नगर स्थित अपनी बड़ी बेटी और दामाद के मकान में रह रहे थे। गुरुवार सुबह राम रतन अचानक मकान की छत पर गए और अंदर से दरवाजा बंद कर अपने ऊपर थिनर उड़ेलकर आग लगा ली। बंद दरवाजे के चलते घर के भीतर मौजूद परिजन समय रहते ऊपर नहीं पहुंच सके, लेकिन आग की तेज लपटें और दर्दनाक चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग सहम गए।
पड़ोसी ने दिखाई जांबाजी: 10 फीट नीचे कूदकर खोला दरवाजा
हादसे के वक्त पड़ोस में रहने वाले सुरजीत तिवारी ने अपनी जान जोखिम में डालकर बुजुर्ग को बचाने की भरपूर कोशिश की। सुरजीत के मुताबिक, चीखें सुनकर जब वे अपनी छत पर पहुंचे तो सामने राम रतन को आग की लपटों से घिरा पाया। बिना एक पल गंवाए सुरजीत अपनी छत से करीब 10 फीट नीचे सीधे राम रतन की छत पर कूद गए। उन्होंने तुरंत भीतर से बंद छत का दरवाजा खोला, जिसके बाद नीचे मौजूद परिजन पानी का पाइप लेकर पहुंचे और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बुजुर्ग का शरीर गंभीर रूप से जल चुका था।
मौके पर पहुंचे आला अधिकारी, मिला दर्दनाक सुसाइड नोट
घटना की सूचना पर एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह, एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार सिंह और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया। फोरेंसिक टीम ने छत से साक्ष्य एकत्र करने के दौरान एक सुसाइड नोट भी बरामद किया। पत्र में राम रतन साहू ने अपनी खराब सेहत और मानसिक उलझनों का हवाला देते हुए साफ लिखा है कि उनके इस आत्मघाती कदम के लिए कोई दूसरा व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है, न ही उनका किसी से कोई आर्थिक विवाद या लेन-देन था। उन्होंने अपनी मर्जी से यह कदम उठाने की बात लिखी है।
10 साल पहले पत्नी ने भी की थी खुदकुशी, जांच में जुटी पुलिस
परिजनों के अनुसार राम रतन की दो बेटियां हैं और वे बड़ी बेटी के परिवार के साथ ही रहते थे। इस परिवार के साथ एक दशक पूर्व भी ऐसी ही त्रासदी घट चुकी थी, जब घरेलू कलह के कारण मार्च 2014 में राम रतन की पत्नी मिथलेश ने भी खुद को आग लगाकर जान दे दी थी। एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि बरामद सुसाइड नोट की लिखावट और प्रमाणिकता की पुष्टि के लिए उसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा गया है। पुलिस सभी बिंदुओं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की गहन पड़ताल कर रही है।