मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही इदगाह विवाद: सुप्रीम कोर्ट में आज 'प्रतिनिधि वाद' तय करने पर होगी अहम सुनवाई, तय होगा कौन सा मुकदमा बनेगा मुख्य केस
उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से बेहद संवेदनशील मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही इदगाह मस्जिद विवाद मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में एक और महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। देश की सर्वोच्च अदालत में आज यह तय किया जाएगा कि इस बहुचर्चित मामले में दाखिल किए गए तमाम मुकदमों में से कौन सा मुकदमा 'रिप्रजेंटेटिव सूट' (Representative Suit यानी प्रतिनिधि वाद) के रूप में मान्य होगा। इस अहम कानूनी प्रक्रिया पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे आगे की पूरी न्यायिक कार्रवाई की दिशा तय होनी है।
क्या है प्रतिनिधि वाद (Representative Suit) का पूरा पेंच?
इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी गई है, जिसमें हाईकोर्ट ने एक खास हिंदू पक्ष के मुकदमे को तमाम श्रद्धालुओं की ओर से मुख्य प्रतिनिधि वाद के रूप में स्वीकार किया था। इस फैसले से असंतुष्ट अन्य हिंदू पक्षों और वादियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। अदालत में आज मुख्य रूप से इसी बात पर मंथन होगा कि अलग-अलग पक्षों द्वारा दाखिल किए गए दर्जनों मुकदमों में से किसे 'लीड केस' (Lead Case) माना जाए और किस पक्ष को देश-दुनिया के तमाम हिंदू श्रद्धालुओं की तरफ से कानूनी तौर पर प्रतिनिधित्व करने का पूर्ण अधिकार दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच करेगी सुनवाई और चल रही हैं आपसी बातचीत
जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई कर रही है। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत को यह जानकारी दी गई थी कि विभिन्न हिंदू वादियों के बीच इस बात को लेकर आपसी विचार-विमर्श और बातचीत भी चल रही है कि इस कानूनी लड़ाई को सही और संगठित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए मुख्य वाद किसे बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत इस विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता के स्तर पर भी प्रयास जारी हैं, ताकि दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से कोई रास्ता निकाला जा सके।
अदालत में लंबित हैं 18 से अधिक मामले और सर्वे की मांग
मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही इदगाह विवाद से जुड़े लगभग 18 से अधिक मुकदमे और याचिकाएं इस समय इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। इन सभी याचिकाओं में जमीन के स्वामित्व, प्राचीन ऐतिहासिक स्वरूप और वैज्ञानिक सर्वे की मांग जैसी तमाम दलीलें दी गई हैं। आज सुप्रीम कोर्ट में 'रिप्रजेंटेटिव सूट' का पेंच सुलझने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि आगे की कानूनी सुनवाई किस मुख्य मुकदमे के आधार पर आगे बढ़ेगी और अदालत इस विवाद पर क्या नया रुख अपनाती है।