यूपी में रफ्तार का नया दौर: जेवर एयरपोर्ट, हापुड़ से लेकर लखनऊ-अयोध्या तक दौड़ सकती है नमो भारत; देखें प्रस्तावित रूट

यूपी में रफ्तार का नया दौर: जेवर एयरपोर्ट, हापुड़ से लेकर लखनऊ-अयोध्या तक दौड़ सकती है नमो भारत; देखें प्रस्तावित रूट

उत्तर प्रदेश में रीजनल कनेक्टिविटी को हाई-स्पीड पंख लगाने के लिए नमो भारत (RRTS) नेटवर्क के व्यापक विस्तार का खाका खींचा जा रहा है। दिल्ली-मेरठ के सफल संचालन के बाद अब एनसीआर के कई प्रमुख शहरों के साथ-साथ राज्य के अन्य बड़े केंद्रों को भी इस सुपरफास्ट नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। बागपत, बुलंदशहर, हापुड़ से लेकर जेवर एयरपोर्ट और आगे चलकर लखनऊ-अयोध्या तक रैपिड रेल चलाने के प्रस्ताव पर मंथन जारी है। यदि ये योजनाएं जमीन पर उतरती हैं, तो पश्चिमी यूपी और एनसीआर में रोजाना सफर करने वाले लाखों दैनिक यात्रियों, कारोबारियों और छात्रों का सफर बेहद सुगम हो जाएगा।

7 नए कॉरिडोर की रूपरेखा और गाजियाबाद का हब मॉडल

दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ को जोड़ने वाले देश के पहले 82 किलोमीटर लंबे सफल कॉरिडोर के बाद अब नेटवर्क को मल्टी-डायरेक्शनल बनाने पर काम चल रहा है। इस पूरी योजना में गाजियाबाद को मुख्य इंटरचेंज हब के तौर पर देखा जा रहा है, जहां से अलग-अलग रूटों के लिए ट्रेनें निकलेंगी। हालांकि, प्रस्तावित कॉरिडोर अलग-अलग चरणों में हैं और इनके निर्माण व संचालन की आधिकारिक तारीखें अंतिम मंजूरी के बाद ही तय होंगी।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 72 किमी लंबा ट्रैक

हवाई यात्रियों की सुविधा के लिए गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा होते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) तक करीब 72 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर प्रस्तावित किया गया है। यह रूट सिद्धार्थ विहार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट (चार मूर्ति चौक), अल्फा-1, परी चौक और यमुना एक्सप्रेसवे के मुख्य सेक्टरों को जोड़ेगा। इस रूट की डीपीआर तैयार कर ली गई है और आगे की सरकारी स्वीकृतियों का इंतजार है।

हरियाणा और यूपी को जोड़ने वाला ट्राई-सिटी रूट

एनसीआर के प्रमुख औद्योगिक हब को जोड़ने के लिए गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा के बीच लगभग 64 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की योजना बनाई गई है। यह लाइन कालिंदी कुंज होते हुए नोएडा-ग्रेटर नोएडा तक पहुंचेगी, जिसमें मेट्रो और रैपिड दोनों के साझा नेटवर्क की संभावनाओं पर डीपीआर स्तर पर काम चल रहा है।

पश्चिमी यूपी के तीन अहम गलियारे

  • दिल्ली-शाहदरा-बागपत-बड़ौत: 54 से 56 किमी लंबे इस ट्रैक के बनने से लोनी, खेकड़ा, बागपत और बड़ौत के यात्रियों को दिल्ली के शाहदरा तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।

  • गाजियाबाद-हापुड़: 32 से 35 किमी का यह कॉरिडोर कविनगर, वेव सिटी, डासना और पिलखुवा को जोड़ते हुए हापुड़ के टेक्सटाइल और औद्योगिक बाजार को एनसीआर से जोड़ेगा।

  • गाजियाबाद-बुलंदशहर-खुर्जा: 45 से 50 किमी लंबे इस रूट के जरिए गुलावठी, बुलंदशहर और खुर्जा के मशहूर पॉटरी/सिरेमिक उद्योग को राजधानी क्षेत्र से सीधा संपर्क मिलेगा।

लखनऊ, कानपुर और अयोध्या कॉरिडोर की भी संभावनाएं

एनसीआर से परे प्रदेश के भीतरी शहरों में भी रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम लागू करने पर मंथन चल रहा है। भविष्य की योजनाओं के तहत लखनऊ, कानपुर और अयोध्या जैसे घनी आबादी व धार्मिक पर्यटन वाले शहरों के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। हालांकि, ये प्रस्ताव अभी शुरुआती विचार के स्तर पर हैं और इनके लिए विधिवत डीपीआर, कैबिनेट मंजूरी व बजट आवंटन का इंतजार रहेगा। निर्माण कार्य और स्वीकृतियां पूरी होने के बाद यह नेटवर्क पूरे प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति दे सकता है।