उद्घाटन के कुछ ही हफ्तों में पाताल में समाया नया एक्सप्रेसवे, सरकार ने लिया ऐसा एक्शन, मच गया हड़कंप
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित अवध एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने ऐतिहासिक और बेहद सख्त कदम उठाया है।
उद्घाटन के महज कुछ ही हफ्तों के भीतर सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस जाने के बाद NHAI ने इस प्रोजेक्ट का निर्माण करने वाली प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी 'पीएनसी इन्फ्राटेक' (PNC Infratech) को आगामी तीन वर्षों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित (बैन) कर दिया है। अनुबंध की शर्तों के मुताबिक यह किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को दी जाने वाली सबसे कड़ी सजा मानी जाती है, जिसके तहत कंपनी अगले 3 साल तक NHAI के किसी भी नए प्रोजेक्ट के लिए टेंडर या बोली नहीं लगा सकेगी।
शेयर बाजार में भारी कोहराम: 52 हफ्ते के निचले स्तर पर लुढ़का शेयर
NHAI की इस अभूतपूर्व दंडात्मक कार्रवाई की खबर बाहर आते ही दलाल स्ट्रीट पर पीएनसी इन्फ्राटेक के शेयरों में हाहाकार मच गया। मंगलवार को कंपनी के स्टॉक में 20 फीसदी का लोअर सर्किट लगा, वहीं अगले कारोबारी दिन भी शुरुआती सत्र में शेयर 15 फीसदी तक टूट गया।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर शेयर 140.40 रुपये के पिछले बंद के मुकाबले 130.10 रुपये पर खुला और बिकवाली के भारी दबाव में 116.25 रुपये के 52-वीक लो (न्यूनतम स्तर) तक गिर गया। गौरतलब है कि पिछले साल 17 सितंबर को यह शेयर 325.15 रुपये के अपने तीन साल के उच्चतम स्तर पर कारोबार कर रहा था, जहां से अब इसमें भारी गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
आईआईटी खड़गपुर की जांच रिपोर्ट: डिजाइन में बड़ी खामी, दोबारा बनेगी सड़क
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जांच अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लखनऊ-कानपुर अवध एक्सप्रेसवे के प्रभावित हिस्सों में समय से पहले आई यह दरार और धंसाव केवल सतही खराबी नहीं, बल्कि गंभीर डिजाइन की खामी (Design Defect) का नतीजा है।
ऐसे में केवल लीपापोती या सामान्य पैचवर्क से सड़क को सुरक्षित नहीं किया जा सकता। मामले की तकनीकी जांच करने वाले आईआईटी-खड़गपुर के वरिष्ठ प्रोफेसर की विशेषज्ञ रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट सिफारिश की गई है कि धंसे हुए तमाम हिस्सों को पूरी तरह तोड़कर नए सिरे से दोबारा तैयार किया जाए ताकि भविष्य में हादसों को रोका जा सके।