हिम्मत है तो जहूराबाद में मुझसे लड़ो; अखिलेश यादव को ओपी राजभर का खुला चैलेंज, सियासी गलियारों में मचा हड़कंप

हिम्मत है तो जहूराबाद में मुझसे लड़ो; अखिलेश यादव को ओपी राजभर का खुला चैलेंज, सियासी गलियारों में मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा सियासी हमला बोला है। एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने कानपुर पहुंचे ओपी राजभर ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और हालिया विरोध-प्रदर्शनों को लेकर सपा पर तीखा पलटवार किया।

दिल्ली में हुए प्रदर्शन को लेकर अखिलेश यादव द्वारा यूपी के लोगों पर टिप्पणी किए जाने के सवाल पर भड़कते हुए राजभर ने सपा अध्यक्ष को उनके पांच साल के शासनकाल का आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि दूसरों की कानून-व्यवस्था पर उंगली उठाने से पहले अखिलेश को अपनी सरकार का वह दौर याद करना चाहिए जब सड़कों पर आम नागरिकों के साथ खुलेआम बदसलूकी होती थी, अपराधी और माफिया सीना तानकर असलहा लहराते घूमते थे और पूरे प्रदेश में खौफ का साया रहता था।

विपक्षी दलों द्वारा ईवीएम और वोट चोरी के नाम पर किए जा रहे धरना-प्रदर्शनों की हवा निकालते हुए राजभर ने 2024 के लोकसभा नतीजों का गणित सामने रख दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि जब 2024 के आम चुनाव में समाजवादी पार्टी को 37 और कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं, वहीं 303 सीटों वाली भाजपा घटकर 240 पर आ गई, तब विपक्ष को लोकतंत्र और चुनाव आयोग में कोई खोट नजर नहीं आया। राजभर ने सवाल दागा कि जब जनता ने विपक्ष को इतनी सीटें दीं, तब वोट चोरी का बेबुनियाद रोना रोकर सड़कों पर नौटंकी करने का क्या औचित्य है? उन्होंने कहा कि सत्ता से लंबे समय तक बाहर रहने की छटपटाहट में विपक्ष चुनावी जनादेश स्वीकार करने के बजाय निराधार आरोपों की आड़ तलाश रहा है।

अखिलेश यादव को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की मिल रही चुनौतियों के सवाल पर राजभर ने अपने चिरपरिचित अंदाज में चुटकी लेते हुए खुली सियासी जंग का ऐलान कर दिया। कैबिनेट मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि अगर अखिलेश यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सीधे मैदान में उतरने से डरते हैं, तो पहले वे गाजीपुर की जहूराबाद विधानसभा सीट पर आकर उनसे दो-दो हाथ कर लें। राजभर ने चुनौती भरे लहजे में कहा कि अखिलेश पहले जहूराबाद में उनसे चुनावी मुकाबला जीतकर दिखाएं, उसके बाद योगी आदित्यनाथ से टकराने का ख्वाब देखें। कानपुर की धरती से दिए गए इस बयान के बाद यूपी के सियासी गलियारों में जुबानी जंग और तेज हो गई है।