प्रयागराज की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय प्रतिभाएं प्रदेश के फिल्म उद्योग को देंगी नई पहचान : केशव प्रसाद मौर्य
श्री मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज फिल्म निर्माण एवं फिल्म उद्योग के विकास की दृष्टि से तेजी से उभरता हुआ प्रदेश है। प्रदेश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यहां धार्मिक एवं पर्यटन स्थल, ऐतिहासिक धरोहरें, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध लोक संस्कृतियां फिल्मांकन के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती हैं। उत्तर प्रदेश सरकार फिल्म निर्माताओं को प्रदेश में फिल्म निर्माण के लिए प्रोत्साहित कर रही है। फिल्म नीति के अंतर्गत निर्धारित पात्रता एवं शर्तों के अनुसार अनुदान और प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है, जिससे प्रदेश में फिल्म निर्माण की गतिविधियों को गति मिल रही है।
उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ की वैश्विक पहचान वाला तीर्थराज है। कुंभ का संगम जैसी फिल्में महाकुंभ की दिव्यता, भारतीय संस्कृति और प्रयागराज के गौरवशाली इतिहास को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में फिल्म उद्योग के सुदृढ़ीकरण, स्थानीय प्रतिभाओं के प्रोत्साहन और फिल्म निर्माण के लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार हेतु प्रतिबद्ध है।
इस शहर का हिंदी साहित्य और भारतीय फिल्म जगत में विशिष्ट योगदान रहा है। गीतकार प्रदीप, अमृतलाल नागर सहित अनेक साहित्यकारों और रचनाकारों की सृजनात्मक विरासत प्रयागराज की सांस्कृतिक पहचान को विशिष्ट बनाती है सदी के महानायक श्री अमिताभ बच्चन जी ने देश, विदेश में ख्याति प्राप्त की है वह प्रयागराज की पवन धरा की वासी हैं। आवश्यकता है कि नई पीढ़ी इन महान साहित्यकारों, कलाकारों और रचनाकारों के योगदान से परिचित हो तथा उनकी विरासत को आगे बढ़ाए।