कोलकाता में 19 मौतों के बाद UP में हड़कंप! CM योगी का आधी रात को फरमान, सड़कों पर उतरे DM और SP
पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित चोरबागान सार्वजनिन दुर्गोत्सव समिति के पंडाल में शनिवार शाम मची भीषण भगदड़ में 19 लोगों की जान जाने के बाद उत्तर प्रदेश का प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इस दर्दनाक हादसे से सबक लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी जिलों में दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सीएम ने सभी पुलिस आयुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को दफ्तरों से निकलकर सीधे ग्राउंड जीरो पर उतरने और सुरक्षा इंतजामों की खुद निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी सख्त आदेश के मुताबिक, फील्ड में तैनात शीर्ष अधिकारियों को हर बड़े पंडाल में पहुंचकर प्रवेश और निकास द्वारों की चौड़ाई और सुगमता की स्वयं जांच करनी होगी। विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी एग्जिट के रास्ते पूरी तरह खुले और बाधा रहित हों। इसके अलावा, पंडालों में अग्निशमन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और शॉर्ट सर्किट से बचाव के लिए सभी बिजली के तारों व कनेक्शनों की तकनीकी जांच के भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और आयोजकों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
उत्तर प्रदेश में 16 से 21 अक्टूबर तक चलने वाले दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान राजधानी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर समेत तमाम छोटे-बड़े शहरों के पंडालों में भारी जनसैलाब उमड़ रहा है। इसके साथ ही महानगरों में आयोजित हो रहीं डांडिया नाइट्स और सांस्कृतिक आयोजनों के चलते देर रात तक अचानक भीड़ का दबाव बढ़ रहा है। इसी भारी भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी संभावित अफरा-तफरी को टालने के लिए पुलिस बल को लगातार गश्त पर रखा गया है। सीएम के कड़े रुख के बाद जिले के आला अफसर खुद पंडालों में पहुंचकर बैरिकेडिंग और भीड़ प्रबंधन का मुआयना कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी डर और असुविधा के सुरक्षित माहौल में दर्शन कर सकें।