अपनी सीमा में रहकर बात करें... चीनी प्रतिनिधिमंडल से मिले सपा सांसद राजीव राय
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद और कूटनीतिक तनाव के जारी दौर के बीच देश की राजनीति से एक बहुत बड़ी और तीखी खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ नेता और घोसी संसदीय क्षेत्र से सांसद राजीव राय ने भारत दौरे पर आए चीनी प्रतिनिधिमंडल (Chinese Delegation) के उच्च अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय शिष्टाचार मुलाकात के दौरान कड़े और सख्त तेवर दिखाए हैं। बातचीत के दौरान जब चीनी अधिकारियों ने भारत-चीन सीमा और द्विपक्षीय मुद्दों पर बीजिंग के पुराने और आक्रामक रुख को दोहराने की कोशिश की, तो सपा सांसद ने उन्हें कड़े शब्दों में टोकते हुए साफ लहजे में कह दिया कि "अपनी सीमा में रहकर बात करें, भारत अपनी संप्रभुता से कभी समझौता नहीं करेगा।" सपा सांसद का यह बेबाक और देशभक्ति से लबरेज बयान अब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में जमकर वायरल हो रहा है, जिसकी लोग खूब तारीफ कर रहे हैं।
किस मुद्दे पर गरम हुई बातचीत की टेबल और सपा सांसद राजीव राय ने चीनी प्रतिनिधियों को कैसे दिया करारा जवाब
संसदीय मामलों और कूटनीतिक शिष्टाचार के तहत हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा करना था। लेकिन सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान जब चीनी दल के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भारत की सीमाओं, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चीन के तथाकथित दावे को अप्रत्यक्ष रूप से उठाने का प्रयास किया, तो सांसद राजीव राय का पारा चढ़ गया। उन्होंने बिल्कुल सीधे और दोटूक अंदाज में चीनी अधिकारियों को आईना दिखाते हुए कहा कि आज का भारत अपनी एक-एक इंच जमीन की रक्षा करना अच्छी तरह जानता है और भारत के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामकता या कूटनीतिक दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी वार्ता या व्यापारिक संबंध तभी आगे बढ़ सकते हैं जब चीन भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का पूरा सम्मान करे।
राजनीतिक सीमा से परे देश की संप्रभुता का मुद्दा: सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक स्वर में किया समर्थन
राजीव राय के इस सख्त और राष्ट्रवादी बयान के बाद देश की राजनीति में एक अनोखी एकजुटता देखने को मिल रही है। आमतौर पर विदेशी मामलों और रक्षा नीतियों पर केंद्र सरकार को घेरने वाला विपक्ष इस मुद्दे पर पूरी तरह से संसद और देश के साथ खड़ा नजर आया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सांसदों ने राजीव राय के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि जब बात देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वाभिमान की आती है, तो भारत का हर सांसद और नागरिक एक स्वर में बोलता है। सत्ता पक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी सपा सांसद के इस कड़े रुख का स्वागत किया और कहा कि चीनी प्रतिनिधियों को यह स्पष्ट संदेश जाना बेहद जरूरी था कि भारत की कूटनीति अब किसी भी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है।
भारत-चीन संबंधों में जारी तनाव और वैश्विक मंचों पर चीनी विस्तारवाद को भारत का कड़ा जवाब
पिछले कुछ वर्षों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन की उकसावे वाली गतिविधियों, गलवान घाटी की हिंसक झड़प और हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी बढ़ती दखलअंदाजी के कारण भारत और चीन के रिश्ते बेहद नाजुक दौर से गुजर रहे हैं। हालांकि दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर लगातार वार्ताएं आयोजित की जाती रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर चीन का दोहरा रवैया हमेशा संदेह के दायरे में रहता है। ऐसे में भारतीय सांसदों द्वारा विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के सामने इस तरह का कड़ा और स्पष्ट दृष्टिकोण रखना यह दर्शाता है कि भारत की विदेश नीति और जनभावनाएं अब ड्रैगन की किसी भी नापाक चाल को भांप चुकी हैं और उसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सोशल मीडिया पर राजीव राय का वीडियो और बयान हुआ वायरल, जनता ने दिए तीखे रिएक्शंस
सपा सांसद राजीव राय द्वारा चीनी प्रतिनिधिमंडल को दी गई इस हिदायत की खबर जैसे ही मीडिया में आई, वैसे ही यह खबर इंटरनेट पर जंगल की आग की तरह फैल गई। ट्विटर (X), फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग उनके इस बयान की जमकर तारीफ कर रहे हैं। आम नागरिकों और युवाओं का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को विदेशी मंचों और सम्मेलनों में इसी प्रकार देश की बात को बेबाकी और निडरता से रखना चाहिए। चीन के साथ आर्थिक और कूटनीतिक रिश्तों को बनाए रखने से पहले देश का आत्मसम्मान सर्वोपरि है, और सांसद राजीव राय का यह तीखा बयान दुनिया भर में यह कड़ा संदेश देने के लिए काफी है कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।