श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, दीपोत्सव की तैयारियों में न रहे कोई कमी: केशव प्रसाद मौर्य

श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, दीपोत्सव की तैयारियों में न रहे कोई कमी: केशव प्रसाद मौर्य

उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि 6, 7 एवं 8 नवंबर को प्रयागराज से श्रृंगवेरपुर धाम तक श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क बस सेवा संचालित की जाए। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव में सम्मिलित होने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए परिवहन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर बसों की पर्याप्त उपलब्धता, संचालन की समय-सारिणी तथा निर्धारित स्थानों से श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बस सेवा इस प्रकार संचालित की जाए कि अधिक से अधिक श्रद्धालु सुविधापूर्वक श्रृंगवेरपुर धाम पहुंचकर दीपोत्सव कार्यक्रमों में सहभागिता कर सकें।

श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित हों

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दोनों आयोजन स्थलों पर श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं की पूर्व तैयारी की जाए। कार्यक्रम स्थलों तथा उनके आसपास स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय, संकेतक, प्रवेश एवं निकास मार्ग और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। श्रद्धालुओं को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मार्गों की स्थिति, यातायात संचालन और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी तथा आवश्यकतानुसार चिकित्सा सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। आयोजन के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाएं इस प्रकार हों कि श्रद्धालु शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सहज वातावरण में दीपोत्सव में सम्मिलित हो सकें।

बैठक में उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा निर्देश दिए कि सभी आवश्यक कार्य समय से पूर्ण कर आयोजन को भव्य, दिव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

 

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