यूपी बोर्ड के छात्र नाम, विषय से लेकर फोटो तक में कराएं सुधार, 12 नवंबर तक आवेदन का मौका

यूपी बोर्ड के छात्र नाम, विषय से लेकर फोटो तक में कराएं सुधार, 12 नवंबर तक आवेदन का मौका

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) यानी यूपी बोर्ड से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी और बेहद काम की खबर सामने आ रही है। बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन से पहले छात्र-छात्राओं के ऑनलाइन पंजीकरण (Registration) और विवरणों में हुई अशुद्धियों को दूर करने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने करेक्शन विंडो को एक बार फिर से सक्रिय कर दिया है। यूपी बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों के ऑनलाइन विवरणों (जैसे छात्र या माता-पिता के नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि, विषय, जेंडर, वर्ग या फिर स्कैन की गई फोटो) में किसी भी प्रकार की कोई गलती रह गई है, वे बिना किसी देरी के अपने संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य के माध्यम से इसमें आवश्यक संशोधन करवा सकते हैं। बोर्ड द्वारा इसके लिए अंतिम तिथि 12 नवंबर तय की गई है। इस तय समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी न होने पर भविष्य में अंकपत्र और प्रमाण पत्र में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं इस करेक्शन प्रक्रिया की पूरी अंदरूनी रिपोर्ट और जरूरी गाइडलाइंस।

यूपी बोर्ड परीक्षा विवरणों में त्रुटियों को सुधारना क्यों है बेहद जरूरी?

हर साल उत्तर प्रदेश के हजारों सरकारी और मान्यता प्राप्त विद्यालयों से लाखों छात्र यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में सम्मिलित होते हैं। कई बार ऑनलाइन फॉर्म भरते समय साइबर कैफे की गलती या अन्य कारणों से छात्र के नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि या विषयों के संयोजन (Subject Combination) में मामूली स्पेलिंग मिस्टेक या गलत कोड दर्ज हो जाता है। यदि समय रहते इन गलतियों को बोर्ड के रिकॉर्ड में दुरुस्त नहीं कराया जाता है, तो परीक्षाफल घोषित होने के बाद ओरिजिनल मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट (Certificate) में वही गलत विवरण छप कर आ जाता है। इसके बाद उस गलती को ठीक करवाने के लिए छात्रों और अभिभावकों को बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिसमें महीनों का समय बर्बाद हो जाता है। इसी बड़ी परेशानी से छात्रों को बचाने के लिए यूपी बोर्ड ने यह विशेष सुधार विंडो ओपन की है।

किन-किन विवरणों में कराया जा सकता है संशोधन? जानिए पूरी लिस्ट

माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव द्वारा जारी किए गए आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, छात्र अपने पंजीकरण विवरण में निम्नलिखित बिंदुओं पर संशोधन करवा सकते हैं: पहला, छात्र-छात्रा का नाम या उसकी वर्तनी (Spelling)। दूसरा, माता और पिता के नाम की स्पेलिंग में त्रुटि। तीसरा, जन्मतिथि (Date of Birth) जो आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र से मेल न खाती हो। चौथा, हाईस्कूल या इंटरमीडिएट में चुने गए विषय (Subjects) और उनके कोड। पांचवां, छात्र की फोटो (Photograph) और हस्ताक्षर (Signature) जो साफ न दिखाई दे रहे हों या गलत अपलोड हो गए हों। इसके अलावा जेंडर (Gender), जाति वर्ग (Category) और दिव्यांगता से जुड़े विवरणों में भी बदलाव कराया जा सकता है। प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्कूल के लॉग-इन आईडी के जरिए इन सभी त्रुटियों की गहन जांच करके तय तारीख तक ऑनलाइन संशोधन सबमिट करें।

12 नवंबर है अंतिम तिथि, इसके बाद नहीं मिलेगा कोई मौका

यूपी बोर्ड ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने स्कूलों के सभी छात्र-छात्राओं के विवरणों की चेकलिस्ट (Checklist) निकालकर छात्र और उनके अभिभावकों से उसका मिलान करवा लें। यदि किसी भी प्रकार की कोई अशुद्धि पाई जाती है, तो उसे तुरंत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ठीक किया जाए। बोर्ड ने इसके लिए अंतिम तिथि 12 नवंबर निर्धारित की है। 12 नवंबर की रात के बाद पोर्टल की लिंक स्वतः बंद कर दी जाएगी और इसके बाद किसी भी परिस्थिति में संशोधन का कोई दूसरा अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा। इसलिए यह विद्यार्थियों और उनके पाल्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है कि वे समय रहते अपने स्कूल प्रशासन से संपर्क करके इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करवा लें।

विद्यालय प्रशासन और अभिभावकों की संयुक्त जिम्मेदारी है डेटा शुद्धता

इस पूरी प्रक्रिया में स्कूल के प्रधानाचार्यों की भूमिका सबसे अहम होती है। बोर्ड के नियमों के अनुसार, छात्र सीधे तौर पर व्यक्तिगत रूप से बोर्ड मुख्यालय में जाकर अपने विवरण में संशोधन नहीं करा सकते हैं, बल्कि उन्हें अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य के जरिए ही ऑफिशियल पोर्टल पर आवेदन करना होगा। प्रधानाचार्य छात्र के प्रार्थना पत्र, आधार कार्ड, पिछली कक्षा की मार्कशीट और अन्य वैध दस्तावेजों की मूल प्रतियों से मिलान करने के बाद ही ऑनलाइन करेक्शन को अप्रूव करेंगे। शिक्षाविदों और विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य के किसी भी विवाद से बचने के लिए यह जरूरी है कि छात्र और अभिभावक खुद आगे आकर अपने स्कूल के ऑफिस में जाकर अपनी रजिस्ट्रेशन स्लिप की एक-एक स्पेलिंग को बहुत ही सावधानी से चेक कर लें।

परीक्षा की तैयारियों के बीच छात्रों के लिए बड़ी राहत

एक तरफ जहां छात्र अपनी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों में दिन-रात एक किए हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ इस करेक्शन विंडो के खुलने से उन छात्रों ने राहत की सांस ली है जिनके फॉर्म में गलती से गलत विषय या नाम दर्ज हो गया था। समय रहते विवरण ठीक हो जाने से बोर्ड परीक्षा का एडमिट कार्ड (Admit Card) एकदम सही और सटीक विवरण के साथ जारी होगा, जिससे परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के समय किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। यूपी बोर्ड के इस छात्र-हितैषी कदम की सभी ने सराहना की है, बशर्ते छात्र अंतिम तिथि 12 नवंबर का इंतजार किए बिना तुरंत अपने स्कूल में इस कार्य को पूरा करवा लें।