एनिवर्सरी पार्टी में बहन से विवाद के बाद महिला बच्ची को फेंक छत से कूदी
उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में दिल दहला देने वाले दो अलग-अलग हादसों ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पहला मामला गुजैनी थाना क्षेत्र के मर्दनपुर का है, जहां शादी की तीसरी वर्षगांठ का जश्न मातम में तब्दील हो गया। पेशे से दर्जी नूर आलम के घर 7 अक्टूबर को शादी की सालगिरह की पार्टी चल रही थी, जिसमें तमाम रिश्तेदार जमा थे। केक काटने और खान-पान के बाद नूर आलम की 20 वर्षीय पत्नी रोशनी का अपनी बड़ी बहन इशरत से किसी बात पर विवाद हो गया। बहन जब नाराजगी में पार्टी छोड़कर जाने लगी, तो रोशनी ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी।
मासूम बच्ची को नीचे फेंक दिया
बहन के जाने से क्षुब्ध होकर रोशनी अचानक दूसरी मंजिल पर पहुंची और उसने अपनी 14 माह की मासूम बच्ची को नीचे फेंक दिया। नीचे खड़े नूर आलम की मुस्तैदी से बच्ची तो लपक ली गई और बाल-बाल बच गई, लेकिन इसके फौरन बाद रोशनी खुद भी नीचे कूद गई। गंभीर हालत में परिजनों ने रोशनी को पहले निजी अस्पताल और फिर हैलट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रविवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। थाना प्रभारी के अनुसार, पीड़ित परिवार की तरफ से तहरीर मिलने पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
वहीं दूसरा दर्दनाक वाकया कानपुर के जाजमऊ क्षेत्र स्थित वाजिदपुर गांव से सामने आया, जहां एक ही परिवार के तीसरे बेटे ने आत्महत्या कर ली। लकवाग्रस्त रामशंकर के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जहां बीते छह महीनों के भीतर तीन जवान बेटों की मौत हो चुकी है। परिजनों के मुताबिक, बड़े बेटे गोविंद ने होली से ठीक पहले फांसी लगाकर खुदकुशी की थी, जिसके कुछ समय बाद दूसरे बेटे अमन ने छत से कूदकर जान दे दी थी। दोनों भाइयों की मौत के सदमे में तीसरा बेटा विकास मानसिक तनाव में आ गया था और अक्सर कहता था कि दोनों भाई उसे अपने पास बुला रहे हैं। तमाम इलाज के बावजूद उसकी मानसिक स्थिति नहीं सुधरी और दो दिन पहले उसने भी छत से छलांग लगा दी। रविवार को अस्पताल में इलाज के दौरान विकास ने भी दम तोड़ दिया।