देहरादून, चमोली समेत 6 जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रविवार को मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के पहाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तीव्र से अति तीव्र वर्षा होने की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और देहरादून जिले के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही राज्य के मैदानी और अन्य जनपदों में भी बादलों के डेरे के बीच कई स्थानों पर बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर आवाजाही में बरतें सावधानी
मौसम विभाग ने विशेष रूप से उच्च हिमालयी और ढलान वाले इलाकों में रहने वाले लोगों व यात्रियों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। आकाशीय बिजली कड़कने और अचानक तेज बारिश के चलते संवेदनशील पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन और बोल्डर गिरने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए आवागमन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। बीते 24 घंटों के तापमान पर नजर डालें तो मैदानी भागों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भी यह सामान्य या उससे कुछ अधिक बना हुआ है।
बंगापानी में 53 मिमी बारिश, पिथौरागढ़ और काठगोदाम में भी भीगे इलाके
राज्य में बीते चौबीस घंटों के दौरान कई हिस्सों में बारिश की अच्छी गतिविधियां दर्ज की गईं। आंकड़ों के अनुसार पिथौरागढ़ के बंगापानी में सबसे ज्यादा 53 मिमी पानी बरसा। इसके अलावा लोहर्केत में 39 मिमी, लैंसडाउन में 25 मिमी, पिथौरागढ़ मुख्य शहर में 23.6 मिमी, काठगोदाम में 22.8 मिमी, लोहाघाट में 16.6 मिमी, मुक्तेश्वर में 13 मिमी, चमोली में 12.4 मिमी, धारचूला में 11.6 मिमी और कपकोट में 10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। राजधानी देहरादून में आमतौर पर बादल छाए रहने के साथ कुछ इलाकों में हल्की से बहुत हल्की बारिश के आसार हैं, जहां पारा 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
काली नदी चेतावनी स्तर के मुहाने पर, गंगा और अलकनंदा का जलस्तर सामान्य
पहाड़ों पर हो रही बारिश के बीच केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य की प्रमुख नदियों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। हालांकि सीमांत क्षेत्र धारचूला में काली नदी का जलस्तर 888.60 मीटर तक पहुंच गया है, जो कि इसके आधिकारिक चेतावनी स्तर 889 मीटर के बेहद करीब है। वहीं अलकनंदा, भागीरथी, मंदाकिनी और गंगा जैसी प्रमुख नदियां अभी सुरक्षित दायरे में बह रही हैं। ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 338.70 मीटर और हरिद्वार में 291.40 मीटर रिकॉर्ड किया गया।