ऋषिकेश में किशोरी से बर्बरता पर भड़का आक्रोश, होटल पर बुलडोजर चलाने पहुंची भीड़

ऋषिकेश में किशोरी से बर्बरता पर भड़का आक्रोश, होटल पर बुलडोजर चलाने पहुंची भीड़

तीर्थनगरी ऋषिकेश की शांत फिजा उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गई जब एक सोलह साल की किशोरी के साथ हुई बर्बरता की खबर सामने आई। इस दर्दनाक वाकये ने स्थानीय नागरिकों के सब्र का बांध तोड़ दिया। न्याय की मांग को लेकर भारी संख्या में नागरिक सड़कों पर उतर आए।

लोगों का गुस्सा सीधे तौर पर उस व्यावसायिक प्रतिष्ठान के खिलाफ दिखा जहां इंसानियत को शर्मसार करने वाला यह कृत्य हुआ। भीड़ ने न केवल उस जगह जमकर विरोध दर्ज कराया बल्कि व्यवस्था के खिलाफ भी तीखी नाराजगी जाहिर की।

जब होटल पर बुलडोजर चलाने पर अड़ गए लोग

मंगलवार की सुबह लगभग साढ़े नौ बजे रेलवे रोड का इलाका उस वक्त रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब सैकड़ों स्थानीय लोग प्रदर्शन करने पहुंचे। नाराज भीड़ ने घटना से जुड़े होटल परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

स्थिति तब और नाजुक हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने वहां से गुजर रहे एक निर्माण कार्य वाहन (जेसीबी) को रोक लिया। आक्रोशित नागरिक उस होटल की इमारत को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने की जिद पर अड़ गए। हालांकि मौके पर पहुंचे पुलिस बल और वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवीन जोशी ने किसी तरह सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को सुरक्षित निकाला और भीड़ को कानूनी रास्ते पर भरोसा रखने के लिए राजी किया। तेज बारिश के बीच भी लोग घंटों तक डटे रहे जिसके बाद पुलिस को एहतियात के तौर पर होटल का शटर गिराकर सुरक्षा घेरा बनाना पड़ा।

हरिद्वार से दबोचा गया मुख्य संलिप्त व्यक्ति

पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते इस मामले में मुख्य आरोपी को हरिद्वार के सिंहद्वार फ्लाईओवर के पास से धर दबोचा गया। गिरफ्त में आए व्यक्ति की पहचान मुजफ्फरनगर के गढ़ी जानसठ निवासी सोफियान के रूप में हुई है। पीड़िता के पिता की शिकायत के अनुसार 29 अगस्त की शाम उनकी बेटी के साथ शारीरिक शोषण और मारपीट की गई थी। हालत बिगड़ने पर गंभीर अवस्था में किशोरी को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराना पड़ा था। परिजनों की ओर से 30 अगस्त को तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने पॉक्सो कानून के तहत सख्त धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर आरोपी की तलाश तेज की थी।

नियमों की अनदेखी पर होटल प्रबंधन पर भी गिरी गाज

इस पूरे मामले में केवल अपराध करने वाला ही नहीं बल्कि नियमों की धज्जियां उड़ाने वाला प्रबंधन भी शिकंजे में आ गया है। जांच में खुलासा हुआ कि होटल संचालक और प्रबंधक ने बिना किसी आधिकारिक पहचान पत्र के सत्यापन के आरोपी को कमरा आवंटित कर दिया था। इतना ही नहीं पीड़िता को वहां से ले जाते वक्त निगरानी कैमरों (सीसीटीवी) को भी बंद कर दिया गया था जो गहरी मिलीभगत की ओर इशारा करता है। इस घोर लापरवाही के चलते पुलिस ने संचालक और मैनेजर दोनों को हिरासत में ले लिया है।

सराय एक्ट के तहत निरस्त होगा होटल का परमिट

कोतवाल यशपाल सिंह बिष्ट ने स्पष्ट किया है कि ऐसे गैरजिम्मेदाराना प्रतिष्ठानों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने सराय एक्ट के प्रावधानों का हवाला देते हुए होटल का संचालन परमिट रद्द करने की सिफारिश उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को भेज दी है। फिलहाल शांति बनाए रखने के लिए पूरे परिसर को सील कर दिया गया है और आसपास के बाजार क्षेत्र में पुलिस बल को चौबीसों घंटे सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।