चारधाम जाने वाले तुरंत पढ़ें, इन 5 जिलों में बारिश का नया अलर्ट
उत्तराखंड में मौसम अब करवट लेने लगा है। मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां तैयार हो रही हैं और मौसम महकमे के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में राज्य के ज्यादातर हिस्सों से मॉनसून विदा हो सकता है। हालांकि पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश का दौर अभी बना रहेगा। मौसम साफ होने की उम्मीद के बीच चारधाम यात्रा में भी यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी है।
पांच जिलों में हल्की बारिश के आसार
मौसम महकमे ने गुरुवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ इलाकों में हल्की बारिश का अनुमान जताया है। यानी मॉनसून की विदाई से पहले पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह शुष्क नहीं होगा।
मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक मौजूदा मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए अगले दो से तीन दिनों में उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों से मॉनसून की विदाई हो सकती है।
इन इलाकों में दर्ज हुई बारिश
पिछले 24 घंटे में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई। जखोली में 20 मिमी बारिश हुई। जानकीचट्टी में नौ मिमी और कर्णप्रयाग में 8.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा ताकुला में 7.5 मिमी, थल में चार मिमी, चौबटिया रानीखेत में 3.5 मिमी और मुक्तेश्वर में तीन मिमी बारिश हुई। देहरादून में बुधवार को अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम में सुधार से चारधाम यात्रियों का उत्साह बढ़ा
मॉनसून सीजन खत्म होने की ओर बढ़ रहा है। इसका असर चारधाम यात्रा पर भी दिखाई दे रहा है। मौसम की स्थिति बेहतर होने के साथ तीर्थयात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है। ऋषिकेश में रोजाना 2,000 से ज्यादा श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा रहे हैं।
बुधवार सुबह सात बजे से ही यात्री ट्रांजिट केंद्र पहुंचने लगे थे। गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से आए करीब 1,500 यात्रियों ने दोपहर तक पंजीकरण कराया। शाम पांच बजे तक यह संख्या बढ़कर 2,250 पहुंच गई।
बस अड्डे पर भी यात्रियों की भीड़
चारधाम यात्रा के लिए बस अड्डे पर बनाए गए करीब एक दर्जन काउंटरों पर भी दिनभर यात्रियों की आवाजाही बनी रही। यात्रा प्रशासन संगठन के ओएसडी डॉ. प्रजापति नौटियाल ने बताया कि ट्रांजिट केंद्र और यात्रा बस अड्डे पर श्रद्धालुओं के पंजीकरण की व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है।
मॉनसून की विदाई के साथ अब चारधाम यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश की संभावना को देखते हुए यात्रियों को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा की योजना बनानी होगी।