मुख्यमंत्री धामी का छात्रों से संवाद: 'आपके सुझाव ही तय करेंगे उत्तराखंड की नई नीतियों की दिशा'

मुख्यमंत्री धामी का छात्रों से संवाद: 'आपके सुझाव ही तय करेंगे उत्तराखंड की नई नीतियों की दिशा'

युवा शक्ति को प्रदेश के भविष्य की असली धुरी मानते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक नई और समावेशी पहल की शुरुआत की है। सीएम धामी ने स्पष्ट किया है कि राज्य की आगामी विकास नीतियों और शैक्षणिक सुधारों को अब केवल बंद कमरों में नहीं, बल्कि सीधे युवाओं और मेधावी छात्रों के सुझावों के आधार पर तैयार किया जाएगा। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया है कि 'युवा उत्तराखंड' का विजन तभी साकार होगा, जब प्रदेश के विकास की कार्ययोजनाओं में उनकी सोच और नवाचार को प्राथमिकता दी जाएगी।

संवाद के जरिए सरकार और युवाओं के बीच सेतु

मुख्यमंत्री ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ सीधे संवाद करते हुए कहा कि आज का युवा वर्ग अधिक जागरूक, तकनीक-प्रेमी और दूरदर्शी है। सरकार ने यह निर्णय लिया है कि कौशल विकास, रोजगार, आधुनिक शिक्षा प्रणाली और स्वरोजगार के क्षेत्र में नई नीतियों को अंतिम रूप देने से पहले युवाओं से उनकी अपेक्षाएं और विचार साझा किए जाएंगे। सीएम धामी का यह कदम सरकारी कामकाज में 'जनभागीदारी' और 'युवा भागीदारी' सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

नई शिक्षा नीति और रोजगार पर सरकार का जोर

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों को उत्तराखंड में लागू की जा रही 'नई शिक्षा नीति' (NEP 2020) के लाभों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि ऐसी शिक्षा देना है जो युवाओं को आत्मनिर्भर बना सके। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने, तकनीकी कौशल प्रशिक्षण और राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए सरकार छात्रों से प्राप्त रचनात्मक सुझावों को अपनी नीतियों का हिस्सा बनाएगी। छात्रों ने भी शिक्षा के डिजिटलीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को लेकर अपने सुझाव सीएम के समक्ष रखे।

'सुझाव से समाधान' की ओर बढ़ते कदम

मुख्यमंत्री धामी की यह कार्यशैली प्रदेश में 'सुझाव से समाधान' के नए मॉडल को जन्म दे रही है। उन्होंने जिलाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे नियमित रूप से स्थानीय कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाकर छात्रों की समस्याओं को सुनें और उनसे विकास के लिए नवीन सुझाव लें। सरकार का मानना है कि यदि युवाओं के पास कोई ऐसा आईडिया है जो उत्तराखंड की किसी विशिष्ट समस्या का समाधान कर सकता है या राज्य की अर्थव्यवस्था को गति दे सकता है, तो सरकार उसे न केवल सुनेगी, बल्कि उसे जमीन पर उतारने के लिए हर संभव संसाधन भी उपलब्ध कराएगी।