सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के काशी विश्वनाथ मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के काशी विश्वनाथ मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना

भारतीय राजनीति और वैश्विक पटल पर अपने दृढ़ संकल्प, दूरदर्शी सोच और अदम्य राष्ट्र सेवा के बल पर इतिहास रचने वाले देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और राष्ट्र सेवा के 25 गौरवशाली वर्ष सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं। एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर देश के प्रधानमंत्री और दुनिया के सबसे लोकप्रिय राजनेता बनने तक की यह ढाई दशक की लंबी यात्रा इस बात का जीवंत प्रमाण है कि किस प्रकार अटूट निष्पक्षता, कड़ी मेहनत और देश के प्रति समर्पण भाव से करोड़ों लोगों के जीवन को बदला जा सकता है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रशासनिक सुधारों की नींव रखने से लेकर देश की राजधानी दिल्ली में बैठकर भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने के संकल्प तक, प्रधानमंत्री मोदी ने हर कदम पर देशहित को सर्वोपरि रखा है। उनके इस ऐतिहासिक कार्यकाल के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों, उत्सवों और विशेष अनुष्ठानों का दौर शुरू हो चुका है, जहां आम नागरिकों से लेकर पार्टी के तमाम नेता उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना कर रहे हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी में की विशेष पूजा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र सेवा के इन 25 ऐतिहासिक वर्षों के पूरे होने पर देवभूमि उत्तराखंड से एक बेहद खास और आध्यात्मिक तस्वीर सामने आई है, जहां राज्य के ऊर्जावान और लोकप्रिय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरी श्रद्धा के साथ विशेष अनुष्ठान किया। मुख्यमंत्री धामी ने उत्तरकाशी जिले के प्रसिद्ध और पौराणिक काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के चरणों में शीश झुकाया और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी जीवन, उत्तम स्वास्थ्य और लंबे राजनीतिक सफर के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर में विधि-विधान के साथ रुद्राभिषेक किया और माता गंगा के इस पवित्र क्षेत्र से देश की निरंतर प्रगति, सुख-शांति और समृद्धि की मंगलकामना की। सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित रहा है और उनके नेतृत्व में देश ने जो बुलंदियां हासिल की हैं, वे हर भारतवासी के लिए गर्व का विषय हैं। उन्होंने आगे कहा कि देवभूमि के कण-कण में प्रधानमंत्री के प्रति अगाध प्रेम और सम्मान है, और बाबा काशी विश्वनाथ का आशीर्वाद हमेशा देश के यशस्वी नेतृत्व पर बना रहे, यही प्रार्थना करने वे आज यहां पहुंचे हैं।

काशी विश्वनाथ मंदिर की महत्ता और उत्तराखंड के साथ पीएम मोदी का आत्मीय रिश्ता

उत्तरकाशी का यह प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर अपनी भव्यता, धार्मिक मान्यताओं और अद्वितीय वास्तुशिल्प के लिए देश भर में विख्यात है, और इस पावन स्थल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के लिए की गई विशेष पूजा का एक अलग ही आध्यात्मिक महत्व माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देवभूमि उत्तराखंड का रिश्ता किसी से छिपा नहीं है; प्रधानमंत्री का इस पहाड़ी राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक केंद्रों और यहां के लोगों के साथ हमेशा से एक गहरा और आत्मीय लगाव रहा है। केदारनाथ धाम के पुनरुद्धार से लेकर चार धाम महाप्रोजेक्ट और सीमांत क्षेत्रों के विकास तक, पीएम मोदी ने उत्तराखंड को हमेशा प्राथमिकता दी है और यहां के धार्मिक पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित किया है। यही कारण है कि जब देश के ऐसे लोकप्रिय नेता के राष्ट्र सेवा के 25 साल पूरे होने का अवसर आया, तो देवभूमि के मुख्यमंत्री ने इस प्राचीन मंदिर में विशेष रूप से पहुंचकर उनके दीर्घायु जीवन की कामना की, जिससे पूरे राज्य के कार्यकर्ताओं और आम जनता में भी भारी उत्साह और प्रेरणा का संचार हुआ है।

राष्ट्र सेवा के इन 25 वर्षों में भारत ने तय किया आत्मनिर्भरता और विकास का नया सफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन के सफर का यदि मूल्यांकन किया जाए, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि इस दौरान भारत ने बुनियादी ढांचे, अंतरिक्ष अनुसंधान, आर्थिक सुधारों, डिजिटल क्रांति और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर ऐतिहासिक छलांग लगाई है। चाहे कोरोना महामारी के दौरान दुनिया को वैक्सीन उपलब्ध कराने का मानवतावादी कदम हो या फिर अनुच्छेद 370 की समाप्ति और राम मंदिर निर्माण जैसे ऐतिहासिक फैसले, पीएम मोदी ने हर मोर्चरी पर अपनी अटूट इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। उत्तरकाशी के काशी विश्वनाथ मंदिर से उठी इन शुभकामनाओं की गूंज इस बात का प्रतीक है कि देश की जनता अपने प्रिय नेता के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके नेतृत्व में भारत को 'विकसित भारत 2047' बनाने का जो सपना देखा गया है, वह तेजी से अपने मुकाम की ओर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर कई अन्य सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जो देश के राजनीतिक इतिहास में एक नए स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो चुके हैं।