हरिद्वार में भड़की कांग्रेस: पुलिस और सरकार का पुतला फूंका, सत्ता पक्ष पर विपक्ष की आवाज कुचलने का बड़ा आरोप
उत्तराखंड की सियासत में इन दिनों भारी उबाल देखने को मिल रहा है। हरिद्वार में बुधवार का दिन जबरदस्त राजनीतिक गहमागहमी वाला रहा। यहां के चंद्राचार्य चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा अचानक फूट पड़ा। पार्टी नेताओं ने सड़कों पर उतरकर सीधे तौर पर भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन का पुतला दहन किया। इस उग्र विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण हल्द्वानी में आयोजित कांग्रेस की हालिया रैली थी। आरोप है कि सत्ता पक्ष ने जानबूझकर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया और विपक्ष के समर्थकों को रैली स्थल तक पहुंचने से रोका।
रैली रोकने को बताया लोकतंत्र की हत्या
इस जोरदार प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे जिला महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सत्ता के बल पर विपक्ष के कार्यक्रमों को फेल करने की कोशिश की जा रही है जो सरासर अलोकतांत्रिक है। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुरली मनोहर और प्रदेश उपाध्यक्ष संजय पालीवाल ने भी एक सुर में कहा कि प्रशासन का यह रवैया सीधे तौर पर संवैधानिक मूल्यों का चीरहरण है। वहीं युवा नेता वरुण बालियान और संतोष चौहान ने दावा किया कि सरकार विपक्ष की एकजुटता और रैलियों में उमड़ रही भीड़ से पूरी तरह खौफजदा है।
पेपर लीक और छात्रों के दर्द का उठा मुद्दा
सड़क पर उतरे कांग्रेसियों ने केवल रैली विवाद ही नहीं बल्कि प्रदेश के युवाओं से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दे भी उठाए। पूर्व विधायक रामयश सिंह और प्रदीप चौधरी ने लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं पर गहरा रोष जताया। उन्होंने राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चंदे को लेकर भी सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए। इसके अलावा यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव उत्कर्ष वालिया और अजय गिरी ने छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश का युवा सही समय आने पर मतदान के जरिए इस तानाशाही का करारा जवाब देगा।