वोट बचाने और देश बचाओ' का नारा देने वाले कांग्रेसी आपस में ही भिड़े
भारतीय राजनीतिक गलियारों और विपक्षी दलों की अंदरूनी कलह से जुड़ी इस वक्त एक बेहद हैरान करने वाली, मजेदार और शर्मनाक खबर सामने आ रही है, जिसने सोशल मीडिया पर भी हाहाकार मचा दिया है। देश भर में सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ 'वोट बचाओ, देश बचाओ' जैसे बड़े अभियानों का ढिंढोरा पीटने वाली कांग्रेस पार्टी के भीतर का अनुशासन किस हद तक तार-तार हो चुका है, इसकी बानगी उत्तराखंड के धार्मिक और पावन शहर हरिद्वार में देखने को मिली। कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित 'वोट बचाओ, देश बचाओ' यात्रा की शुरुआत के दौरान ही पार्टी के दिग्गज नेता और स्थानीय कार्यकर्ता आपस में इस कदर उलझे कि मंच और वरिष्ठ प्रभारियों के सामने ही जमकर लात-घूंसे और थप्पड़ चलने लगे। जिस पार्टी के नेता जनता को लोकतंत्र और संविधान का पाठ पढ़ाने निकले थे, वे खुद आपस में ही भिड़ गए और सरेआम सड़क को अखाड़ा बना दिया। इस हाई-वोल्टेज हंगामे और मारपीट का लाइव वीडियो अब इंटरनेट पर जंगल की आग की तरह वायरल हो रहा है, जिससे पार्टी की किरकिरी हो रही है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर इस यात्रा के दौरान ऐसा क्या हुआ जिसके चलते कांग्रेसी आपस में ही खून के प्यासे हो गए।
क्या है हरिद्वार में हुई पूरी घटना: 'वोट बचाओ, देश बचाओ' यात्रा के दौरान कैसे भड़का नेताओं का गुस्सा
प्राप्त जानकारी और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस पार्टी की ओर से देशव्यापी अभियान के तहत हरिद्वार में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' यात्रा निकाली जा रही थी। पार्टी के तमाम बड़े नेता और प्रभारी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे ताकि कार्यकर्ताओं में जोश भरा जा सके। यात्रा की शुरुआत से ठीक पहले जब नेता और कार्यकर्ता शिव मूर्ति चौक के पास इकट्ठा हुए, तो उसी दौरान दो गुटों के नेताओं के बीच किसी मामूली बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह जुबानी जंग इतनी अधिक बढ़ गई कि दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और वहां मौजूद पार्टी प्रभारियों तथा वरिष्ठ नेताओं के सामने ही एक-दूसरे पर टूट पड़े। यात्रा शुरू होने से पहले ही सड़क पर शुरू हुए इस दंगल में जमकर लात-घूंसे चले, जिसे देखकर वहां से गुजर रहे आम लोग और खुद पार्टी के कई समझदार नेता सन्न रह गए।
वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल: मंच पर मौजूद दिग्गजों के उड़े होश, विरोधी दलों को मिला बैठे-बिठाए मुद्दा
आधुनिक डिजिटल युग में इस तरह की अंदरूनी कलह और मारपीट के वीडियो छिप नहीं सकते, और हरिद्वार की इस घटना का वीडियो भी तुरंत कैमरे में कैद होकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया। वायरल क्लिप में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे कांग्रेस के झंडे और बैनर के नीचे खड़े लोग ही एक-दूसरे के कॉलर पकड़कर खींच रहे हैं और मुक्के बरसा रहे हैं। एक तरफ जहां पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेता देश बचाने और लोकतंत्र बचाने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच का यह तांडव यह बताता है कि पार्टी के भीतर अनुशासन का कितना बड़ा अकाल पड़ चुका है। इस घटना के बाद से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि जो पार्टी अपने घर को संभाल नहीं पा रही और जहां प्रभारी के सामने ही कार्यकर्ता आपस में लड़ रहे हैं, वे देश की व्यवस्था को क्या सुधारेंगे। विरोधी दलों को भी बैठे-बिठाए कांग्रेस पर कटाक्ष करने का एक शानदार मौका मिल गया है।
अनुशासनहीनता की हदें पार: क्या इस आंतरिक कलह के साथ जनता के बीच जा पाएगी कांग्रेस
भारतीय राजनीति में यह कोई पहला मौका नहीं है जब किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं में आपसी वर्चस्व को लेकर झड़प हुई हो, लेकिन जिस समय और जिस अभियान के दौरान यह तमाशा हुआ है, उसने कांग्रेस नेतृत्व की नींद उड़ा दी है। 'वोट बचाओ, देश बचाओ' जैसे संवेदनशील और गंभीर नारे के साथ जनता के बीच उतरने वाली पार्टी यदि आपस में ही सिर फुटव्वल करती नजर आएगी, तो आम जनता पर इसका कितना नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। पार्टी के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला संगठन ने हालांकि इस मामले में लीपापोती शुरू कर दी है और आपसी मतभेद बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वायरल वीडियो ने पोल खोलकर रख दी है। बहरहाल, जनता यह सब बहुत गौर से देख रही है और आने वाले दिनों में इस तरह की बयानबाजी और अंदरूनी खींचतान का क्या हस्र होता है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।