हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश कैमरे के सामने फफक कर रोए

हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश कैमरे के सामने फफक कर रोए

उत्तराखंड की राजनीति और अपनी बेबाक कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के युवा और लोकप्रिय विधायक सुमित हृदयेश से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे राज्य के राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। राजनीति की दुनिया में नेताओं को अक्सर मजबूत, पत्थर दिल और हर परिस्थिति का डटकर सामना करने वाले के रूप में देखा जाता है, लेकिन जब एक जनप्रतनिधि सबके सामने अपनी सुरक्षा और परिवार की हिफाजत को लेकर कैमरे के आगे फफक-फफक कर रो पड़े, तो समझ लीजिए कि मामला कितना गंभीर और भयावह होगा। हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी जान को खतरा बताते हुए यहाँ तक कह दिया कि यदि उनके परिवार या उन्हें कुछ होता है, तो वे आत्मदाह करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उनके इस प्रकार भावुक होने और रोने का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल चुका है, जिसके बाद समर्थकों में भारी गुस्सा और प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

आखिर ऐसा क्या हुआ कि कैमरे के सामने रो पड़े कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश?

प्राप्त विवरण के अनुसार, विधायक सुमित हृदयेश पिछले कुछ समय से अपने क्षेत्र में लगातार चल रहे कुछ स्थानीय विवादों, अतिक्रमण विरोधी अभियानों और राजनीतिक विरोधियों के निशाने पर रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब वे पत्रकारों से मुखातिब थे, तो उनकी आवाज कांपने लगी और वे अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। सुमित हृदयेश ने आरोप लगाया कि कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग और राजनीतिक साजिशकर्ता उनके और उनके परिवार के खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनके घर तथा परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है। सुमित हृदयेश ने उत्तराखंड सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे उनका पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव और भय के साये में जीने को मजबूर है।

'मेरे परिवार को खत्म करने की रची जा रही है साजिश'

फूट-फूटकर रोते हुए विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि वे जनता की सेवा के लिए राजनीति में आए हैं, न कि अपनी और अपने परिवार की जान जोखिम में डालने के लिए। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक विरोधी और कुछ भू-माफिया तथा आपराधिक तत्व इस बात से बौखलाए हुए हैं कि वे जनता की आवाज को मजबूती से उठा रहे हैं। इसी खुन्नस में उन्हें और उनके करीबियों को नुकसान पहुँचाने की साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इन तमाम धमकियों देने वाले तत्वों और संदिग्ध लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की, तो वे मजबूर होकर आत्मदाह जैसा चरम कदम उठाने के लिए बाध्य हो जाएंगे। एक विधायक द्वारा इस तरह की सार्वजनिक भाषा का इस्तेमाल करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि स्थिति अब नियंत्रण से बाहर हो चुकी है और स्थानीय खुफिया तंत्र व पुलिस प्रशासन पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में भूचाल, कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने

सुमित हृदयेश के इस तरह रोने और आत्मदाह की धमकी देने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल आ गया है। प्रदेशभर के कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उनके समर्थन में खड़े हो गए हैं और राज्य की कानून-व्यवस्था (Law and Order) पर बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अगर राज्य में एक विधायक ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। वहीं दूसरी तरफ, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस पूरे मामले पर पलटवार करते हुए कहा है कि विधायक केवल अपनी राजनीतिक जमीन खिसकने से घबरा गए हैं और सहानुभूति बटोरने के लिए इस तरह का ड्रामा कर रहे हैं। हालांकि, बढ़ते राजनीतिक दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान ले लिया है और विधायक की सुरक्षा की समीक्षा शुरू कर दी है।

हल्द्वानी से लेकर देहरादून तक गरमाई सियासत, पुलिस प्रशासन पर टिकी निगाहें

हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में इस घटना के बाद से तनाव का माहौल है और सुमित हृदयेश के आवास के बाहर उनके समर्थकों का भारी जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। समर्थक लगातार विधायक की सुरक्षा बढ़ाने और धमकियों देने वालों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इस पूरी घटना ने एक बार फिर से इस बात को रेखांकित कर दिया है कि राजनेताओं और जनप्रतिनिधियों की व्यक्तिगत सुरक्षा के मामले में कितनी गंभीर खामियां मौजूद हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उत्तराखंड सरकार और पुलिस प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या त्वरित कार्रवाई करता है और सुमित हृदयेश की सुरक्षा को लेकर क्या पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं।