भाजपा पार्षद के घर बड़ी लूट, 25 दिन पहले रखा नौकर निकला मास्टरमाइंड
देहरादून के बसंत विहार थाना क्षेत्र में BJP पार्षद अमिता सिंह के घर हुई लूट की घटना ने घरेलू कर्मचारियों की नियुक्ति और उनके पुलिस सत्यापन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि घर में काम करने वाले नौकर भरत थापा ने कथित तौर पर खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया था। इसके बाद पार्षद, उनके पति और बेटे के बेहोश होने पर उसने अपने साथियों को बुलाया और घर में लूटपाट की।
पुलिस के मुताबिक भरत थापा को करीब 25 दिन पहले एक ऑनलाइन प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से काम पर रखा गया था। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी पहले दिल्ली में डकैती के प्रकरण में जेल जा चुका है। अब पुलिस उसकी तलाश के साथ-साथ उस प्लेसमेंट एजेंसी की भूमिका की भी जांच कर रही है।
रात में अचानक खुली आंख तो सामने दिखे अनजान लोग
सभासद के पति महीपाल सिंह ने पुलिस को बताया कि परिवार ने रात करीब 10 बजे खाना खाया था। खाना खाने के बाद उन्हें इतनी गहरी नींद आ गई कि उन्हें पता ही नहीं चला कि रात कब बीत गई। करीब 1:20 बजे उनकी आंख खुली तो कमरे में नौकर भरत और दो अन्य लोग नजर आए।
कुछ समय तक वह स्थिति को समझ नहीं सके। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि घर में मौजूद लोग सामान खंगाल रहे हैं और लूट की घटना को अंजाम दिया जा रहा है।
महीपाल सिंह के मुताबिक दिमाग कुछ हद तक काम कर रहा था लेकिन शरीर पर उनका नियंत्रण नहीं था। वह चाहकर भी बदमाशों का विरोध नहीं कर सके। जैसे ही उन्होंने बिस्तर से उठने की कोशिश की तो घर में मौजूद लोग वहां से निकलने लगे।
किसी तरह पड़ोसी के घर पहुंचे
वारदात के बाद महीपाल सिंह ने अपने मोबाइल तक पहुंचने की कोशिश नहीं की। उनकी हालत ऐसी थी कि वह मुश्किल से चल पा रहे थे। किसी तरह वह पड़ोसी के घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया।
पड़ोसी को उन्होंने बोलकर और इशारों के जरिए घटना की जानकारी दी। इसके बाद पड़ोसी उनके साथ घर पहुंचे। स्थिति देखकर पुलिस को सूचना दी गई। परिवार के तीनों सदस्यों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
महीपाल सिंह के अनुसार घर के एक लॉकर से करीब तीन लाख रुपये की नकदी गायब थी। दूसरे लॉकर को तोड़कर लगभग 30 से 40 लाख रुपये के आभूषण भी ले जाए गए।
आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड ने बढ़ाई चिंता
तफ्तीश के दौरान पुलिस को भरत थापा के पुराने रिकॉर्ड की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार वह पहले भी दिल्ली में इसी तरह की डकैती के मामले में पकड़ा जा चुका है। इस मामले में उसने करीब एक साल दिल्ली की जेल में बिताया था।
सलाखों से बाहर आने के बाद वह अपने देश नेपाल चला गया था। वहां से वापस लौटने के बाद उसने दूसरी प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए काम हासिल किया। इसके बाद वह देहरादून पहुंचा और कथित तौर पर पार्षद के घर में वारदात को अंजाम दिया।
आरोपी के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस अब उसके आपराधिक संपर्कों और पिछली गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है।