उत्तराखंड में 1 नवंबर से नया बिजली कनेक्शन महंगा: इस्टीमेट का झंझट खत्म, प्रीपेड मीटर पर सिक्योरिटी चार्ज शून्य; देखें नए रेट

उत्तराखंड में 1 नवंबर से नया बिजली कनेक्शन महंगा: इस्टीमेट का झंझट खत्म, प्रीपेड मीटर पर सिक्योरिटी चार्ज शून्य; देखें नए रेट

उत्तराखंड में नया बिजली कनेक्शन लेने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। राज्य में 1 नवंबर 2026 से नया बिजली कनेक्शन लेना महंगा होने जा रहा है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने बिजली आपूर्ति और कनेक्शन को लेकर नई नियमावली जारी कर दी है। नए नियमों के लागू होने के बाद जहां एक तरफ जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, वहीं दूसरी ओर कनेक्शन लेने की प्रक्रिया पहले से काफी आसान और पारदर्शी हो जाएगी। आयोग ने नए कनेक्शन के लिए व्यक्तिगत साइट निरीक्षण (साइट विजिट) और इस्टीमेट बनाने की पुरानी अनिवार्यता पूरी तरह खत्म कर दी है। नियामक आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, सदस्य (विधि) अनुराग शर्मा और सदस्य (तकनीकी) प्रभात किशोर डिमरी की ओर से यह संयुक्त आदेश जारी किया गया है।

आयोग के नए फैसले के अनुसार, 4 किलोवाट तक के सामान्य घरेलू कनेक्शन के लिए सर्विस लाइन चार्ज 1000 रुपये से बढ़ाकर 1400 रुपये कर दिया गया है। वहीं बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए यह शुल्क 100 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये किया गया है।

इस बदलाव में सबसे बड़ी राहत प्रीपेड मीटर लेने वालों को मिली है। आयोग ने साफ किया है कि प्रीपेड मीटर कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं से किसी भी तरह की सिक्योरिटी या अतिरिक्त सिक्योरिटी राशि नहीं वसूली जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं को केवल प्रीपेड मीटर का तय शुल्क ही देना होगा। आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद के अनुसार, इस पूरी कवायद का मकसद यूपीसीएल के दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी खत्म करना और व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है।

नया घर बनाने वालों को लाइन खिंचवाने के नाम पर बिजली विभाग के इंजीनियरों की मनमानी और अनाप-शनाप एस्टीमेट से भी निजात मिल गई है। आयोग ने 150 किलोवाट तक की लाइन बिछाने के लिए फिक्स दरें तय कर दी हैं। बीपीएल उपभोक्ताओं से 300 मीटर तक लाइन बिछाने का कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा, जबकि 300 मीटर से ज्यादा दूरी होने पर 400 रुपये प्रति 10 मीटर की दर से भुगतान करना होगा। 4 किलोवाट तक के सामान्य कनेक्शन के लिए 300 मीटर तक ओवरहेड लाइन का खर्च 900 रुपये और अंडरग्राउंड लाइन का खर्च 2700 रुपये तय किया गया है।

यदि उपभोक्ता 11 केवी लाइन से सीधे कनेक्शन ले रहे हैं, तो 25 से 50 किलोवाट और 50 से 75 किलोवाट तक 300 मीटर दूरी के लिए 1.25 लाख रुपये (अंडरग्राउंड के लिए 4.70 लाख रुपये) देने होंगे। 75 से 150 किलोवाट कनेक्शन पर 300 मीटर तक 2.25 लाख रुपये और अंडरग्राउंड लाइन के लिए 8.50 लाख रुपये लगेंगे। 300 मीटर से ज्यादा दूरी होने पर 11,200 रुपये प्रति 10 मीटर और अंडरग्राउंड के लिए 42,000 रुपये प्रति 10 मीटर की दर तय की गई है।

परिसर में खुद का ट्रांसफार्मर लगाने वालों के लिए भी दरें फिक्स कर दी गई हैं। 25 केवीए ट्रांसफार्मर के लिए 2 लाख रुपये, 25 से 50 किलोवाट कनेक्शन हेतु 63 केवीए ट्रांसफार्मर के लिए 2.75 लाख रुपये, 50 से 75 किलोवाट पर 100 केवीए के लिए 3.50 लाख रुपये, 75 से 120 किलोवाट पर 160 केवीए के लिए 6 लाख रुपये और 120 से 150 किलोवाट पर 250 केवीए ट्रांसफार्मर के लिए 9 लाख रुपये चुकाने होंगे। ट्रांसफार्मर की क्षमता 25 से 63 केवीए या 63 से 100 केवीए बढ़ाने पर 75 हजार रुपये, 100 से 160 केवीए करने पर 2.50 लाख रुपये और 160 से 250 केवीए अपग्रेड करने पर 3 लाख रुपये लगेंगे।

नए कनेक्शन के लिए क्षमता अनुसार तय सर्विस चार्ज और सिक्योरिटी दरें प्रति किलोवाट के हिसाब से लागू होंगी। बीपीएल श्रेणी में 1 किलोवाट तक 150 रुपये चार्ज और 100 रुपये सिक्योरिटी रहेगी। 4 किलोवाट तक सर्विस चार्ज 1400 रुपये, घरेलू सिक्योरिटी 600 रुपये प्रति किलोवाट तथा कमर्शियल व इंडस्ट्री के लिए 1500-1500 रुपये प्रति किलोवाट तय है। 4 से 10 किलोवाट तक सर्विस चार्ज 3000 रुपये, 10 से 25 किलोवाट तक 5000 रुपये, 25 से 50 किलोवाट तक 9000 रुपये, 50 से 75 किलोवाट तक 12,000 रुपये और 75 से 150 किलोवाट तक 18,000 रुपये सर्विस चार्ज रहेगा। इन सभी श्रेणियों में घरेलू सिक्योरिटी 600 रुपये प्रति किलोवाट और कमर्शियल व औद्योगिक सिक्योरिटी 1500 रुपये प्रति किलोवाट तय की गई है। इसके साथ ही आयोग ने बिजली बिलों को पूरी तरह स्पष्ट, पठनीय और स्थानीय भाषा में जारी करने के सख्त निर्देश दिए हैं ताकि उपभोक्ता हर चार्ज को आसानी से समझ सकें।