सीसीटीवी में कैद हुआ चेहरा, फिर भी 23 दिन तक सोती रही पुलिस! दून में बेखौफ चोरों का खुला तांडव
राजधानी देहरादून के क्लेमनटाउन इलाके से चोरी का एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यशैली और खाकी के खौफ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक छात्र के कमरे में घुसकर आईफोन 15 उड़ाने वाले चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वारदात के 23 दिन बाद उन्होंने पीड़ित की बहन को बाकायदा मैसेज भेजकर फोन का पासवर्ड मांग लिया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद होने और पुख्ता सबूत हाथ में होने के बावजूद क्लेमनटाउन थाना पुलिस ने शुरुआत में मुकदमा तक दर्ज करने की जहमत नहीं उठाई।
मूल रूप से छात्र सक्षम नेगी क्लेमनटाउन स्थित सनशाइन एन्क्लेव में किराए के कमरे में रहकर एक निजी विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर रहे हैं। बीते 12 सितंबर की सुबह सक्षम किसी जरूरी काम से कमरे से बाहर निकले थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे दो अज्ञात युवक उनके कमरे में दाखिल हुए और मेज पर रखा उनका कीमती आईफोन 15 पार कर ले गए। चोरी की यह पूरी वारदात पास लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ कैद हो गई। सक्षम तुरंत फुटेज लेकर क्लेमनटाउन थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया और आरोपियों की शिनाख्त तक नहीं की।
चोरी के बाद सक्षम ने एप्पल के 'फाइंड माई' फीचर के जरिए अपने खोए फोन से अपनी बहन का मोबाइल नंबर लिंक कर दिया। इसके बाद 3 अक्टूबर को जो हुआ, उसने सबको सन्न कर दिया। बेखौफ चोर ने बहन के नंबर पर सीधा मैसेज भेजकर फोन का अनलॉक पासवर्ड मांगा। बहन ने जब उस नंबर पर कॉल कर फोन वापस लौटाने की मिन्नत की, तो चोर ने साफ मना कर दिया और बेशर्मी से लगातार पासवर्ड देने की जिद पर अड़ा रहा।
पीड़ित की बहन ने चोर के साथ हुई इस बातचीत की स्क्रीन रिकॉर्डिंग और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पीड़िता ने दावा किया कि इस इलाके में छात्रों के कमरों से अब तक आधा दर्जन से ज्यादा मोबाइल और कई लैपटॉप चोरी हो चुके हैं, लेकिन पुलिस कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। मामला तूल पकड़ने पर सीओ सदर अंकित भंडारी ने सफाई देते हुए कहा कि शिकायत मिलते ही फोन को ब्लॉक करा दिया गया था और सर्विलांस टीम लगातार लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। पासवर्ड मांगने के मैसेज और कॉल की भी जांच की जा रही है और जल्द आरोपियों को दबोच लिया जाएगा।