बाबा नीम करौली के धाम में अब चारधाम जैसा नियम! नैनीताल पुलिस के इस बड़े फैसले से श्रद्धालुओं में मची हलचल

बाबा नीम करौली के धाम में अब चारधाम जैसा नियम! नैनीताल पुलिस के इस बड़े फैसले से श्रद्धालुओं में मची हलचल

विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र बाबा नीम करौली के कैंची धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और उससे लगने वाले भीषण जाम से निपटने के लिए नैनीताल पुलिस ने हाईटेक रास्ता निकाला है। वीकेंड, पर्वों और छुट्टियों के दौरान भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर घंटों लगने वाले जाम से स्थानीय बाशिंदों और पर्यटकों को निजात दिलाने के लिए अब आधुनिक सेंसर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए नैनीताल पुलिस ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी रुड़की के साथ हाथ मिलाया है। इस योजना के तहत मंदिर मार्ग के चार रणनीतिक स्थानों पर अत्याधुनिक ट्रैफिक सेंसर लगाए जाएंगे, जो वाहनों की आवाजाही का रियल-टाइम डेटा सीधे कंट्रोल रूम को भेजेंगे।

कुमाऊं परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) निवेदिता कुकरेती के अनुसार, कैंची धाम आने वाले वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसका सीधा असर नैनीताल शहर, भवाली, गरमपानी और खैरना तक की सड़कों पर पड़ता है। आईआईटी रुड़की जिला पुलिस को ये विशेष सेंसर उपलब्ध कराएगा। इन सेंसरों की मदद से पुलिस को यह सटीक जानकारी एडवांस में मिल जाएगी कि किसी खास समय पर कितने वाहन कैंची धाम की तरफ बढ़ रहे हैं और किस पॉइंट पर वाहनों का दबाव तेजी से बढ़ रहा है।

ट्रैफिक पुलिस को मिल जाएगा अलर्ट

इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पुलिस को जाम लगने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब तक सड़क पर वाहनों की कतार लगने के बाद डायवर्जन लागू किया जाता था, लेकिन नए सिस्टम से दबाव बढ़ने से पहले ही ट्रैफिक पुलिस को अलर्ट मिल जाएगा। इसके आधार पर हल्द्वानी, भवाली या खैरना छोर से ही रूट डायवर्जन, शटल सेवा और पार्किंग प्लान लागू किए जा सकेंगे। यह कदम खासतौर पर शनिवार, रविवार और त्योहारों के दौरान अचानक लगने वाले ट्रैफिक ब्लॉकेज को रोकने में बेहद असरदार साबित होगा।

पर्वतीय रूट पर यातायात को सुचारु रखने के लिए नैनीताल में एक सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जा रहा है। इसका तकनीकी सर्वे पूरा हो चुका है और टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यह कंट्रोल रूम शुरू होने के बाद हल्द्वानी से लेकर ऊपरी पर्वतीय इलाकों तक पूरे हाईवे नेटवर्क पर 24 घंटे नजर रखी जा सकेगी। इसके साथ ही, चारधाम की तर्ज पर कैंची धाम में भी श्रद्धालुओं की आमद को व्यवस्थित करने के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन व्यवस्था का औपचारिक प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। शासन से अंतिम मंजूरी मिलते ही रजिस्ट्रेशन सिस्टम लागू कर दिया जाएगा, जिससे प्रतिदिन आने वाले भक्तों की संख्या नियंत्रित रह सकेगी और सुरक्षित दर्शन संभव हो पाएंगे।