कैंची धाम में बदलेंगे नियम: अब एक दिन में सिर्फ 25,000 भक्तों को मिलेगी एंट्री

कैंची धाम में बदलेंगे नियम: अब एक दिन में सिर्फ 25,000 भक्तों को मिलेगी एंट्री

उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल की पहाड़ियों के बीच नैनीताल जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा नीब करोरी महाराज के कैंची धाम आश्रम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पिछले कुछ वर्षों में इतनी तेजी से बढ़ गई है कि वहां की व्यवस्थाओं के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। हर दिन हजारों की संख्या में पहुंच रहे भक्तों के कारण न केवल मंदिर परिसर में पैर रखने की जगह नहीं बचती है, बल्कि स्थानीय सड़कों पर कई-कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है, जिससे आम पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस गंभीर समस्या से निपटने और मंदिर की पवित्रता, सुरक्षा तथा शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अब जिला प्रशासन और मंदिर समिति ने मिलकर एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने का मन बना लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैंची धाम में दर्शन के तौर-तरीकों को पूरी तरह से बदलने की तैयारी कर ली गई है और जल्द ही वहां एक नया और नियंत्रित दर्शन सिस्टम लागू किया जाने वाला है, जिससे आने वाले दिनों में बाबा के भक्तों की यात्रा का अनुभव पूरी तरह से बदल जाएगा।

अब एक दिन में सिर्फ 25,000 श्रद्धालुओं को ही मिलेगी मंदिर में एंट्री

प्रशासन द्वारा तैयार किए जा रहे इस नए और सख्त ड्राफ्ट के अनुसार, आने वाले समय में कैंची धाम आने वाले सभी भक्तों के लिए संख्या की एक ऊपरी सीमा (Caping) तय कर दी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत अब प्रतिदिन केवल अधिकतम 25,000 श्रद्धालुओं को ही मंदिर के भीतर प्रवेश और बाबा नीब करोरी के दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी। जब एक दिन में निर्धारित 25,000 भक्तों का कोटा पूरा हो जाएगा, तो उसके बाद आने वाले पर्यटकों या श्रद्धालुओं को उस दिन मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं मिल सकेगा। इस प्रकार के कड़े प्रतिबंध लगाने के पीछे मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंदिर के भीतर अत्यधिक भीड़भाड़ न हो और किसी भी प्रकार की भगदड़ या अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। प्रशासन का यह मानना है कि सीमित संख्या में भक्तों के प्रवेश से प्रबंधन को साफ-सफाई, सुरक्षा और कतार प्रबंधन (Queue Management) को सुचारू रूप से चलाने में बहुत अधिक मदद मिलेगी, जिससे हर श्रद्धालु को शांतिपूर्वक और बिना किसी व्यवधान के बाबा के दर्शन प्राप्त हो सकेंगे।

ऑनलाइन पंजीकरण और कड़े प्रबंधन की व्यवस्था पर चल रहा है विचार

इस नई व्यवस्था को जमीन पर उतारने के लिए जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट मिलकर एक डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली विकसित करने पर विचार कर रहे हैं, जिसके तहत भक्तों को कैंची धाम आने से पहले ऑनलाइन पंजीकरण (Online Registration) कराना पड़ सकता है। जिस प्रकार देश के अन्य बड़े और प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों जैसे चार धाम यात्रा या वैष्णो देवी में यात्रियों की संख्या को प्रबंधित करने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाता है, उसी तर्ज पर अब कैंची धाम के लिए भी एक विशेष पोर्टल या पास व्यवस्था शुरू किए जाने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही मंदिर के आसपास पार्किंग स्थलों का विस्तार, शटल सेवा (Shuttle Service) का संचालन और स्वयंसेवकों की तैनाती जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी इस नए मास्टर प्लान का हिस्सा बनाया जा रहा है ताकि सुदूर राज्यों और विदेशों से आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्थानीय व्यापारियों और होटल संघों के साथ भी प्रशासन लगातार बैठकें कर रहा है ताकि इस बदलाव से स्थानीय आजीविका और पर्यटन पर पड़ने वाले असर को संतुलित किया जा सके।

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया, जानिए क्या होगा इसका असर

कैंची धाम में दर्शन नियमों को लेकर आ रही इन खबरों के बाद जहां एक तरफ आम श्रद्धालुओं के मन में इस बात की थोड़ी चिंता है कि क्या उन्हें बाबा के दर्शन आसानी से मिल पाएंगे या नहीं, वहीं दूसरी तरफ समझदार पर्यटकों और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। पिछले कुछ समय से कैंची धाम में जिस तरह से अनियंत्रित भीड़ के कारण सड़कों पर घंटे जाम लग रहा था और दर्शन के लिए लोगों को 5 से 6 घंटे तक लंबी लाइनों में खड़े रहना पड़ रहा था, उससे कई बार बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस नए 25,000 श्रद्धालुओं की सीमा वाले नियम से एक तरफ जहां दर्शन व्यवस्था अनुशासित होगी, वहीं दूसरी तरफ आश्रम की आध्यात्मिक शांति और दिव्यता भी बरकरार रह सकेगी। प्रशासन जल्द ही इस पूरी नई गाइडलाइन की आधिकारिक घोषणा कर सकता है, जिसके बाद भक्तों को कैंची धाम की यात्रा करने से पहले इन नए नियमों की पूरी जानकारी रखनी होगी ताकि वे बिना किसी बाधा के बाबा नीब करोरी के दरबार में हाजिरी लगा सकें।