बिना लाइसेंस चल रहा था मौत का खेल, प्रशासन की अचानक एंट्री से लक्सर में मचा हड़कंप
उत्तराखंड के लक्सर क्षेत्र में जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और अवैध कारोबारियों के खिलाफ प्रशासन ने एक बेहद सख्त और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
क्षेत्र में बिना किसी वैध खाद्य लाइसेंस (Food License) के अवैध रूप से संचालित की जा रही दो बड़ी मावा निर्माण इकाइयों पर प्रशासनिक टीम ने अचानक छापेमारी की। खाद्य सुरक्षा विभाग ने नियमों का खुला उल्लंघन पाए जाने पर दोनों प्रतिष्ठानों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया है, और इन्हें अग्रिम आदेश तक पूरी तरह सील करने की विधिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
गढ़वाल मंडल के अपर आयुक्त के नेतृत्व में संयुक्त टीम की बड़ी रेड
इस पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। सटीक सूचना के आधार पर अपर आयुक्त खाद्य सुरक्षा (गढ़वाल मंडल) आर.एस. रावत के नेतृत्व में एक हाई-लेवल संयुक्त टीम का गठन किया गया था। इस टीम में खाद्य सुरक्षा विभाग के आला अधिकारी, लक्सर तहसील प्रशासन और लक्सर पुलिस के जवान शामिल थे। संयुक्त टीम ने अचानक लक्सर के खरंजा कुतुबपुर इलाके में स्थित मावा निर्माण इकाइयों पर धावा बोल दिया। प्रशासनिक अमले की इस अचानक हुई एंट्री से मौके पर हड़कंप मच गया और मिलावटखोरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
कुरबान और इलियास की फैक्ट्रियों में मिले गंभीर उल्लंघन, दस्तावेज गायब
विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान खरंजा कुतुबपुर निवासी कुरबान पुत्र छब्बर और इलियास पुत्र असरफ की मावा इकाइयों में बड़े पैमाने पर बिना किसी वैध फूड लाइसेंस के मावा का निर्माण और भारी मात्रा में दूध के विक्रय (सेल) का कार्य धड़ल्ले से संचालित पाया गया। जब जांच टीम ने दोनों संचालकों से व्यापार से जुड़े आवश्यक अभिलेख, फूड सेफ्टी मानक सर्टिफिकेट और अन्य अनिवार्य दस्तावेज मांगे, तो वे मौके पर एक भी कागज उपलब्ध नहीं करा सके। इसे जनस्वास्थ्य के साथ सीधे तौर पर बड़ा खिलवाड़ माना गया है।