51KM लंबा है यह एक्सप्रेसवे, 1.5 घंटे में सीधा हरिद्वार, 6 लेन पर फर्राटा भरेंगी गाड़ियां
राजधानी दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सफर करने वाले लाखों यात्रियों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से ट्रैफिक जाम और घंटों की थकाऊ यात्रा से जूझ रहे लोगों की सहूलियत के लिए 51 किलोमीटर लंबा नया 6-लेन एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Greenfield Expressway) पूरी तरह तैयार होकर ट्रैफिक के लिए खुलने जा रहा है। इस आधुनिक एक्सप्रेसवे के चालू हो जाने से दिल्ली-एनसीआर और मेरठ से पवित्र धार्मिक नगरी हरिद्वार जाने का समय आधा रह जाएगा और लोग महज 1.5 घंटे के भीतर सीधे बाबा केदार की पावन धरा के प्रवेश द्वार हरिद्वार पहुंच सकेंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा अत्याधुनिक तकनीक से बनाए गए इस बाईपास एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटा भरती नजर आएंगी। इस नए रोड नेटवर्क से केवल समय और ईंधन की ही बचत नहीं होगी, बल्कि पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के पर्यटन व व्यापार को भी एक नई रफ्तार और संजीवनी मिलेगी।
हरिद्वार-दिल्ली की राह हुई बेहद आसान: जानिए कैसे 1.5 घंटे में पूरा होगा सफर?
अब तक दिल्ली या मेरठ से मुजफ्फरनगर और रुड़की होकर हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को पुराने नेशनल हाईवे पर भारी ट्रैफिक, शहर के भीतर के जाम और दर्जनों बॉटलनेक्स का सामना करना पड़ता था। त्योहारों, सप्ताहांत (Weekends) और कांवड़ यात्रा के दौरान तो यह सफर 4 से 6 घंटे तक का हो जाता था। हालांकि, इस नए 51 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड बाईपास एक्सप्रेसवे के बनने से पूरी तस्वीर बदल गई है। यह नया रूट मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा से शुरू होकर सीधे रुड़की के बाईपास से होते हुए हरिद्वार के बहादरबाद और दूधाधारी चौक के पास कनेक्ट होता है। बीच में किसी भी प्रकार का कोई सीधा कट या अनियंत्रित ट्रैफिक न होने के कारण वाहन चालक बिना किसी रुकावट के लगातार तेज गति से दूरी तय कर सकेंगे, जिससे सफर का समय सिमटकर केवल 90 मिनट यानी डेढ़ घंटा रह जाएगा।
6-लेन एक्सप्रेसवे की तकनीकी खासियतें: सुरक्षा से लेकर ई-टोल तक सब कुछ हाई-टेक
एनएचएआई द्वारा निर्मित यह 51 किलोमीटर लंबा हाईवे केवल रफ्तार का ही माध्यम नहीं है, बल्कि इसे सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर तैयार किया गया है। पूरे 6-लेन कॉरिडोर पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS), हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, स्पीड सेंसर्स और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम लगाए गए हैं ताकि तेज रफ्तार गाड़ियों की पल-पल निगरानी हो सके। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए हाईवे के दोनों ओर अत्याधुनिक रेस्ट एरिया, फ्यूल स्टेशन्स, ईवी चार्जिंग पॉइंट्स और ढाबों का निर्माण किया गया है। पूरे एक्सप्रेसवे पर बैरियर-लेस फास्टैग (FASTag) टोलिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें नहीं लगेंगी और गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह से निर्बाध बनी रहेगी।
कांवड़ यात्रा और वीकेंड के भीषण जाम से हमेशा के लिए मिलेगी मुक्ति
हरिद्वार और ऋषिकेश देश के सबसे बड़े धार्मिक और पर्यटन केंद्रों में गिने जाते हैं। हर साल मानसून में चलने वाली प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा के दौरान पुराने हाईवे को पूरी तरह से डायवर्ट करना पड़ता था, जिससे पूरे इलाके की परिवहन व्यवस्था ठप हो जाती थी। इसके अलावा, शनिवार और रविवार को दिल्ली-एनसीआर से लाखों की संख्या में उमड़ने वाले पर्यटकों के कारण रुड़की और मंगलौर में कई-कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता था। यह नया 51 किमी लंबा एक्सप्रेसवे इस समस्या का स्थायी समाधान बनकर उभरा है। इस एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों और हल्के यात्री वाहनों के लिए अलग-अलग समर्पित लेन बनाई गई हैं, जिससे स्थानीय शहरों के भीतर का ट्रैफिक दबाव लगभग खत्म हो जाएगा और श्रद्धालुओं की यात्रा पूरी तरह सुगम हो जाएगी।
पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के रियल एस्टेट व व्यापार को मिलेगी नई संजीवनी
इस 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के चालू होने का सीधा असर आसपास के इलाकों की अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, रुड़की और हरिद्वार के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने से औद्योगिक गलियारा (Industrial Corridor) तेजी से विकसित हो रहा है। लॉजिस्टिक्स कंपनियों और वेयरहाउसिंग सेक्टर के लिए यह कॉरिडोर एक बड़ा हब बनने जा रहा है। इसके साथ ही, एक्सप्रेसवे के आसपास की जमीनों के दाम आसमान छूने लगे हैं और रियल एस्टेट डेवलपर्स बड़े टाउनशिप प्रोजेक्ट्स ला रहे हैं। हरिद्वार में सिडकुल (SIDCUL) औद्योगिक क्षेत्र में बने उत्पादों को दिल्ली के बाजारों और बंदरगाहों तक पहुंचाना अब काफी सस्ता और तेज हो जाएगा, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार को भारी बढ़ावा मिलेगा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का अहम हिस्सा: उत्तराखंड टूरिज्म का बदलेगा स्वरूप
यह 51 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे दरअसल पूरे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (Delhi-Dehradun Economic Corridor) का ही एक बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक चरण है। इस पूरे प्रोजेक्ट के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद न केवल हरिद्वार बल्कि राजधानी देहरादून तक का सफर महज 2.5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। चारधाम यात्रा पर जाने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए यह एक क्रांतिकारी बदलाव है, क्योंकि अब उन्हें संकरी और भीड़भाड़ वाली सड़कों से नहीं गुजरना पड़ेगा। एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सभी सुरक्षा परीक्षण और ट्रायल रन सफलता से पूरे कर लिए गए हैं, और अब यह एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया है। यदि आप भी इस वीकेंड हरिद्वार या ऋषिकेश जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इस नए 6-लेन एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाइए।