कौन हैं आशीष नेगी? सिख समुदाय पर टिप्पणी के बाद फंसे विवादों में, हिमाचल पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

कौन हैं आशीष नेगी? सिख समुदाय पर टिप्पणी के बाद फंसे विवादों में, हिमाचल पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

 उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में हाल ही में हुए निहंग-स्थानीय विवाद की आंच अब पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश तक पहुंच गई है। इस विवाद के बीच उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशीष नेगी पर सिख समुदाय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा है। इस मामले में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

क्या है पूरा मामला और क्यों हुआ केस दर्ज?

पांवटा साहिब के निवासी परमजीत सिंह बंगा की शिकायत पर हिमाचल पुलिस ने आशीष नेगी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि नेगी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा था कि "खालिस्तान आंदोलन उत्तराखंड में चलाया जा रहा है।" शिकायतकर्ता का तर्क है कि इस बयान से सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने का प्रयास किया गया है।

आशीष नेगी ने दी सफाई

विवाद बढ़ता देख आशीष नेगी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना पक्ष रखा है। उन्होंने अपने बयान में सफाई देते हुए कहा, "मेरे वीडियो को तोड़-मरोड़कर और टुकड़ों में पेश किया जा रहा है ताकि समाज में सनसनी और अराजकता फैलाई जा सके।" उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके वीडियो का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुँचाना नहीं था, बल्कि वे केवल कर्णप्रयाग में हुई हिंसा की घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे।

कौन हैं आशीष नेगी?

आशीष नेगी उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं और कर्णप्रयाग तहसील के कनोठ गांव के मूल निवासी हैं। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है। पिछले तीन वर्षों से वे यूकेडी के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हैं और युवाओं के बीच अपनी मजबूत पकड़ रखते हैं। वे राज्य से जुड़े विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों में अक्सर अपनी आवाज उठाते रहे हैं।

पार्टी का क्या है स्टैंड?

आशीष नेगी के बचाव में उत्तराखंड क्रांति दल ने भी कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी की सेंट्रल कमेटी के मुख्य सलाहकार डॉ. मनमोहन नवानी ने स्पष्ट किया है कि आशीष नेगी या यूकेडी किसी भी धर्म या समुदाय का अनादर नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि नेगी का बयान केवल उन विशिष्ट निहंगों के खिलाफ था जिन्होंने कर्णप्रयाग में तलवारें चलाईं और स्थानीय लोगों के साथ हिंसक झड़प की। पार्टी ने दोहराया कि उत्तराखंड में सभी समुदाय भाईचारे के साथ रहते हैं और वे इसे बनाए रखने के पक्षधर हैं।

निहंग विवाद की पृष्ठभूमि

यह मामला 16 जून को कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प से शुरू हुआ था। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब निहंगों ने पुलिस की कार्रवाई के विरोध में रुद्रप्रयाग के एक गुरुद्वारे पर कथित कब्जा कर लिया था। पांच दिनों तक चले गतिरोध और पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला शांत हुआ था, लेकिन सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयानों ने इसे फिर से चर्चा में ला दिया है। फिलहाल, पांवटा पुलिस वीडियो की जांच कर रही है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।