अफगानिस्तान में घुसे पाकिस्तानी लड़ाकू विमान, एयरस्ट्राइक में 11 बच्चों समेत 13 को मार डाला

अफगानिस्तान में घुसे पाकिस्तानी लड़ाकू विमान, एयरस्ट्राइक में 11 बच्चों समेत 13 को मार डाला

 

ग्लोबल डिप्लोमेसी और वैश्विक कूटनीति के मंच पर खुद को एक शांतिदूत और बिचौलिए के रूप में पेश करने वाले पाकिस्तान का बेहद खूनी और आक्रामक चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है। पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का खुलेआम उल्लंघन करते हुए पड़ोसी मुल्क अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र में घुसकर भीषण एयरस्ट्राइक (हवाई हमले) कर दी है। अफगानिस्तान के शीर्ष अधिकारियों और तालिबान प्रशासन ने इस बेहद घातक और चौंकाने वाले हमले की आधिकारिक पुष्टि की है। इस ताजा हवाई हमले ने न केवल दोनों देशों के बीच महीनों से चले आ रहे सीमाई तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है, बल्कि इस विनाशकारी बमबारी की चपेट में आने से कई मासूम बच्चों और नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।

तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद का बड़ा खुलासा- खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों को बनाया निशाना

अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान सरकार के मुख्य केंद्रीय प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने इस कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए पूरी दुनिया के सामने इसके आंकड़े पेश किए हैं। जबीहुल्ला मुजाहिद ने बताया कि पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान की संप्रभुता को चुनौती देते हुए देश के बेहद संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों को अपना निशाना बनाया और वहां रिहायशी इलाकों पर अंधाधुंध बमबारी की। इस अचानक हुए हवाई हमले में अब तक कम से कम 13 बेकसूर लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि 14 से अधिक स्थानीय नागरिक मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

एयरस्ट्राइक में 11 मासूम बच्चों और महिला की तड़पकर मौत, पाकिस्तान ने साधी रहस्यमयी चुप्पी

इस खूनी एयरस्ट्राइक की सबसे दर्दनाक और झकझोर देने वाली बात यह है कि पाकिस्तानी बमवर्षक विमानों का शिकार कोई आतंकी नहीं, बल्कि घर में सो रहे मासूम बच्चे और बुजुर्ग हुए हैं। तालिबान अधिकारियों के मुताबिक, मरने वाले 13 लोगों में 11 छोटे बच्चे, एक असहाय महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति शामिल हैं। इस भीषण तबाही और अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन को लेकर जब वैश्विक मीडिया ने इस्लामाबाद से संपर्क करने की कोशिश की, तो पाकिस्तान सरकार और वहां की सेना (ISPR) की तरफ से इन हमलों पर तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और उन्होंने इस पूरे संवेदनशील मामले पर एक रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है।

फरवरी से जारी है दोनों देशों के बीच खूनी संघर्ष, सैकड़ों नागरिकों की जा चुकी है जान

आपको बता दें कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह कोई पहला टकराव नहीं है। बीते फरवरी महीने के आखिरी हफ्तों से ही दोनों मुल्कों के बीच डूरंड लाइन (सीमा) पर बेहद घातक और हिंसक सैन्य संघर्ष लगातार जारी है, जिसमें अब तक दोनों तरफ के सैकड़ों सैनिकों और आम नागरिकों की जानें जा चुकी हैं। यह तनाव उस वक्त और ज्यादा बारूदी हो गया था जब पाकिस्तान द्वारा पूर्व में की गई एक एयरस्ट्राइक के जवाब में अफगानिस्तान की सेना ने भारी तोपखाने से पाकिस्तान के भीतर घुसकर जवाबी सीमा-पार हमला (Cross-Border Attack) किया था। तब से ही दोनों देशों की सेनाएं सीमा पर एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।

टीटीपी (TTP) आतंकियों को शरण देने का आरोप, काबुल ने पाकिस्तान के दावों को किया सिरे से खारिज

दरअसल, पाकिस्तान सरकार और वहां के नीति-निर्माताओं का लगातार यह गंभीर आरोप रहा है कि अफगानिस्तान का तालिबान प्रशासन अपने देश की धरती पर उन खतरनाक चरमपंथियों और आतंकियों को खुली शरण दे रहा है, जो लगातार पाकिस्तान के भीतर घुसकर बड़े आत्मघाती हमलों को अंजाम देते हैं। पाकिस्तान का सीधा निशाना प्रतिबंधित संगठन 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (टीटीपी) पर है, जिसे वे इस पूरे फसाद की जड़ मानते हैं। हालांकि, काबुल में बैठी तालिबान सरकार पाकिस्तान के इन सभी आरोपों को हमेशा से सिरे से खारिज करती आई है। तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं और आर्थिक मंदी से अपनी जनता का ध्यान भटकाने के लिए अफगानिस्तान के बेकसूर नागरिकों पर इस तरह के कायराना और हिंसक हमले कर रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

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